व्रत पूर्णिमा और पितृपक्ष आज, पूर्वजों की शांति के लिए करें ये काम!

व्रत पूर्णिमा, पितृपक्ष (Vrat Purnima) (Pitrupaksha 2019): पूरे पितृपक्ष खत्म लोगों तक लोग अपने पूर्वजों के नाम से जल अर्पित करते हैं और जिस दिन उनकी मृत्यु हुई थी उसपर श्राद्ध कर्म करते हैं.

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 8:14 AM IST
व्रत पूर्णिमा और पितृपक्ष आज, पूर्वजों की शांति के लिए करें ये काम!
पितृपक्ष, श्राद्ध पूर्णिमा और व्रत पूर्निआम के बारे में जानें
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Updated: September 13, 2019, 8:14 AM IST
आज 13 सितंबर को व्रत पूर्णिमा (Vrat Purnima) है और आज से ही पितृपक्ष (Pitrupaksha 2019)की शुरुआत भी हो गई है. पितृपक्ष 15 दिनों तक रहता है और इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है. इस दिन लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए उनका श्राद्ध करते हैं और कुछ गयाजी में पिंड दान भी करते हैं. मान्यता है कि गया जी में पिंड दान करने से पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति मिलती है. यही वजह है कि इसके बाद लोग हर साल श्राद्ध कर्म नहीं करते है. आइए जानते हैं व्रत पूर्णिमा और पितृपक्ष से जुड़ी बातें...

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क्या है पितृपक्ष (Pitrupaksha 2019):
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान हमारे पितर (पूर्वज) 15 दिन के लिए पृथ्वी पर श्राद्ध ग्रहण करने आते है. ऐसे में अगर आप श्राद्ध नहीं करते हैं तो उनकी आत्मा को काफी दुख पहुंचता है. लोग इस दिन उनका श्राद्ध करते हुए तरह तरह के पकवान बना कर कई तरह के जीवों को खिलाते हैं. ऐसी मान्यता है कि पूर्वज इन जीवों के रूप में ही पृथ्वी पर श्राद्ध और तर्पण ग्रहण करने आते हैं. यही वजह है कि पूरे पितृपक्ष खत्म लोगों तक लोग अपने पूर्वजों के नाम से जल अर्पित करते हैं और जिस दिन उनकी मृत्यु हुई थी उसपर श्राद्ध कर्म करते हैं.

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पितृपक्ष में पूर्वजों का श्राद्ध करवाने के बाद ब्राह्मण भोजन का आयोजन करने की परंपरा है. वेबसाइट लाइव हिंदुस्तान पर प्रकाशित खबर के हवाले से, इस बार 14 सितम्बर को प्रतिपदा, 15 सितम्बर को द्वितीया का श्राद्ध और 28 सितम्बर को सर्व पितृ अमावस्या किया जाएगा. 16 सितम्बर को दोपहर की तिथि न मिल पाने के कारण श्राद्ध कर्म नहीं किया जा सकेगा.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: September 13, 2019, 7:21 AM IST
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