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कब है विवाह पंचमी, बैगन छठ, मोक्षदा एकादशी? देखें 27 नवंबर से 03 दिसंबर के व्रत-त्योहार

 मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है.

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है.

27 Nov To 03 Dec Vrat Tyohar: नवंबर 2022 का अंतिम सप्ताह आज 27 नवंबर दिन रविवार से प्रारंभ हुआ है. इस सप्ताह में मार्गश ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

मार्गशीर्ष माह की विनायक चतुर्थी आज है.
इस साल बैगन छठ 29 नवंबर को है.

27 Nov To 03 Dec Vrat Tyohar: नवंबर 2022 का अंतिम सप्ताह आज 27 नवंबर दिन रविवार से प्रारंभ हुआ है. इस सप्ताह में नवंबर के 4 दिन और दिसंबर के 3 दिन हैं. इस तरह से इस सप्ताह में नवंबर का समापन और दिसंबर का प्रारंभ हो रहा है. इस सप्ताह में मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी, विवाह पंचमी, पंचा षष्ठी, बैगन छठ, मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती जैसे महतवपूर्ण व्रत और त्योहार हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कृमार भार्गव से जानते हैं कि ये व्रत और त्योहार किस तारीख को हैं.

27 नवंबर से 03 दिसंबर के व्रत और त्योहार

27 नवंबर, दिन रविवार: मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी व्रत
विनायक चतुर्थी 2022: मार्गशीर्ष माह की विनायक चतुर्थी आज है. आज व्रत रखने के साथ गणेश जी की विधि विधान से पूजा करते हैं. उनको मोदक का भोग लगाते हैं. पूजा के समय दूर्वा और सिंदूर विशेष तौर पर अर्पित करते हैं. विनायक चतुर्थी व्रत कथा सनते हैं. गणपति बप्पा की कृपा से सफलता, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है. इस व्रत में चंद्रमा को नहीं देखा जाता है. इसलिए पूजा सुबह में ही कर लेते हैं.

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28 नवंबर, दिन सोमवार: विवाह पंचमी
विवाह पंचमी 2022: इस साल विवाह पंचमी 28 नवंबर को है. मार्गशीर्ष मा​ह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भगवान श्रीराम और देवी सीता का विवाह हुआ था, इसलिए हर साल इस तिथि पर विवाह पंचमी मनाते हैं. इस दिन मंदिरों में राम और सीता के विवाह का आयोजन किया जाता है. हालांकि विवाह पंचमी के दिन किसी अन्य का विवाह नहीं कराया जाता है. विवाह पंचमी के दिन कुछ उपायों से वैवाहिक जीवन को सुखी बना सकते हैं. मनचाहे जीवनसाथी की कामना भी उपाय से पूरी कर सकते हैं.

29 नवंबर, दिन मंगलवार: बैगन छठ, चंपा षष्ठी
बैगन छठ 2022: इस साल बैगन छठ 29 नवंबर को है. इस दिन भगवान शिव को बैगन और बाजरा अर्पित किया जाता है. फिर उसे ही प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं. पूजा में बैगन अर्पित करने के कारण इसे बैगन छठ कहते हैं. मार्गशीर्ष मा​ह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह मनाते हैं. महाराष्ट्र में इस दिन भगवान खंडोबा की पूजा करते हैं, जिनको किसानों का देवता माना जाता है. ये भगवान शिव के एक स्वरूप हैं.

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चंपा षष्ठी 2022: हर साल मार्गशीर्ष मा​ह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को चंपा षष्ठी मनाते हैं. इस साल यह 29 नवंबर को है. इस दिन भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय की पूजा करते हैं और उनको चंपा का फूल अर्पित करते हैं. उनकी पूजा करने से सुख, संपत्ति और मोक्ष प्राप्त होता है.

03 दिसंबर, दिन शनिवार: गीता जयंती, मोक्षदा एकादशी
गीता जयंती 2022: गीता जयंती हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाते हैं. इस साल गीता जयंती 03 दिसंबर को है. भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन संसार को गीता का उपदेश दिया था.

मोक्षदा एकादशी 2022: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और मोक्षदा एकादशी व्रत कथा सुनते हैं. इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

Tags: Dharma Aastha, Lord vishnu

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