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आज का पंचांग, 27 नवंबर 2021: आज है काल भैरव जयंती, जानें शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

आज का पंचांग, 27 नवंबर 2021: आज है काल भैरव जयंती, जानें शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

आज का पंचाग

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang): आज शनिवार (Saturday) है. शनिवार के दिन शनिदेव (Shani Dev) की पूजा की जाती है. आज काल भैरव जयंती (Kaal Bhairav Jayanti) भी है. कालभैरव को भगवान शिव का पांचवा अवतार माना जाता है. हिंदू कैलेंडर (Hindu Calendar) के अनुसार आज का दिन मार्गशीर्ष की अष्टमी तिथि है. इस महीने को अगहन भी कहा जाता है. यह माह भगवान कृष्ण को समर्पित है. मान्यता के अनुसार इस माह में शंख की पूजा करनी चाहिए. आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल.

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    आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang): आज 27 नवंबर है. मार्गशीर्ष (Margashirsha Month) या अगहन महीने के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सत युग में देवों ने मार्गशीर्ष मास की प्रथम तिथि को ही वर्ष प्रारंभ किया. इसी मास में कश्यप ऋषि ने विहंगम कश्मीर प्रदेश की रचना की. मार्गशीर्ष महीने में कई महोत्सवों का आयोजन होता है. कहा जाता है कि इस अगहन में श्रीमद भागवत’ ग्रन्थ को देखने भर की विशेष महिमा है. स्कन्द पुराण के अनुसार घर में अगर भागवत हो तो अगहन मास में दिन में एक बार उसको प्रणाम करना चाहिए. अगहन मास को मार्गशीर्ष कहने के पीछे भी कई तर्क हैं. भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अनेक स्वरूपों में व अनेक नामों से की जाती है. इन्हीं स्वरूपों में से एक मार्गशीर्ष भी श्रीकृष्ण का रूप है. इसलिए यह माह भगवान कृष्ण को समर्पित है. कहा जाता है कि इस माह में पवित्र नदी में स्नान करना शुभ होता है. इससे पुण्य की मिलता है और पाप नष्ट हो जाते हैं. इस माह में शंख की पूजा करनी चाहिए. मान्यता के अनुसार ऐसा करने से घर में शांति आती है. साथ ही इस महीने में हर दिन विष्णु सहस्रनाम, भगवत गीता और गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करना चाहिए.

    आज काल भैरव जयंती (Kaal Bhairav Jayanti) भी है. कालभैरव को भगवान शिव का पांचवा अवतार माना जाता है. मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती मनाई जाती है. वहीं हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी (Kalashtami) का व्रत भी किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि जो कोई भी व्यक्ति कालभैरव जयंती के दिन विधि-विधान से उनकी पूजा करता है तो उससे वे प्रसन्न होते हैं. भैरवजी का स्वरुप भयानक माना जाता है लेकिन अपने भक्तों की वे सदैव रक्षा करते हैं. यह भी धार्मिक मान्यता है कि कालभैरव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों, ऊपरी बाधा और भूत-प्रेत जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं.

    आज शनिवार (Saturday) है. हिन्दू धर्म में प्रत्येक दिन अलग-अलग भगवान को समर्पित है. एक दिन में दो या तीन भगवान की भी पूजा का विधान है. शनिवार के दिन शनिदेव (Shani Dev) की पूजा की जाती है. आइए, पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल.

    27 नवंबर 2021- आज का पंचांग
    आज की तिथि –  मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष अष्टमी
    आज का नक्षत्र –  मघा
    आज का करण – बव
    आज का पक्ष – कृष्ण
    आज का योग – एन्द्र
    आज का वार – शनिवार

    सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
    सूर्योदय – 06:58:00
    सूर्यास्त – 05:53:00
    चन्द्रोदय – 21:19:59
    चन्द्रास्त – 10:56:00
    चन्द्र राशि – कर्क

    हिन्दू मास एवं वर्ष
    शक सम्वत – 1943 प्लव
    विक्रम सम्वत – 2078
    काली सम्वत – 5122
    दिन काल – 10:34:12
    मास अमांत – कार्तिक
    मास पूर्णिमांत – मार्गशीर्ष
    शुभ समय – 11:47:05 से 12:29:14 तक

    अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

    दुष्टमुहूर्त – 08:58:29 से 09:40:38 तक, 12:29:14 से 13:11:23 तक
    कुलिक – 11:46:25 से 12:28:42 तक
    कंटक – 16:00:06 से 16:42:23 तक
    राहु काल – 10:49:08 से 12:08:10 तक
    कालवेला / अर्द्धयाम – 07:32:44 से 08:15:01 तक
    यमघण्ट – 08:57:18 से 09:39:35 तक
    यमगण्ड – 08:09:44 से 09:29:00 तक
    गुलिक काल – 09:29:33 से 10:48:42 तक

    Tags: Religion, धर्म

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