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आज का पंचांग, 27 सितंबर 2022: आज नवरात्रि के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

आज का पंचांग, 27 सितंबर 2022

आज का पंचांग, 27 सितंबर 2022

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang): आज आश्विन शुक्ल द्वितीया तिथि है. नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

आज आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है.
आज नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का दिन है.
मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा भी की जाती है.

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang): आज 27 सितंबर दिन मंगलवार है. आज आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है. कल (26 सितंबर) से शारदीय नवरात्रि पर्व की शुरुआत हो चुकी है. आज नवरात्रि का दूसरा दिन है. आज के दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. इन्हें त्याग और संयम का प्रतीक माना गया है. शिव जी को पति के रूप में पाने के लिए देवी ब्रह्मचारिणी ने कठिन तप किया था. हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व है. यदि आप आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-आराधना और व्रत रख रहे हैं, तो सबुह उठकर सबसे पहले स्नान ध्यान से निवृत्त हो जाएं. लाल रंग के वस्त्र धारण करें. उसके बाद मां ब्रह्मचारिणी की तस्वीर या मूर्ति को पूजा स्थल पर रखें. लाल रंग के फूल, धूप, अक्षत, रोली, हल्दी आदि चढ़ाएं. घी का दीपक जलाएं. आप चीनी, मिश्री, पंचामृत, सेब, सुपारी, पान का पत्ता आदि से भोग लगाएं. अब देवी के मंत्रों का जाप करें, कथा पढ़ें और आखिरी में आरती करें. मान्यता है कि जो व्यक्ति मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करता है, उसके सभी कार्य सफल होते हैं. उद्देश्यों की पूर्ति होती है. भक्तों को बल, संबल, शत्रुओं का सामने करने की शक्ति और ताकत मिलती है.

आज के दिन हनुमानजी की भी पूजा की जाती है. कहते हैं जो भी व्यक्ति मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा-आराधना विधि पूर्वक करता है, उससे हनुमानजी प्रसन्न होकर जीवन के सभी दुख-दर्द, कष्टों को दूर करते हैं.

27 सितंबर 2022 का पंचांग
आज की तिथि – आश्विन शुक्ल द्वितीया
आज का करण – बलव
आज का नक्षत्र – हस्त
आज का योग – ब्रह्म
आज का पक्ष – शुक्ल
आज का वार – मंगलवार

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 6:29:00 AM
सूर्यास्त – 6:31:00 PM
चन्द्रोदय – 07:18:59
चन्द्रास्त – 19:11:59
चन्द्र राशि– कन्या

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1944 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2079
काली सम्वत – 5123
दिन काल – 12:00:46
मास अमांत – आश्विन
मास पूर्णिमांत – आश्विन
शुभ समय – 11:48:00 से 12:36:03 तक

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 08:35:48 से 09:23:51 तक
कुलिक– 13:24:06 से 14:12:09 तक
कंटक– 06:59:42 से 07:47:45 तक
राहु काल– 15:30 to 17:01
कालवेला/अर्द्धयाम– 08:35:48 से 09:23:51 तक
यमघण्ट– 10:11:54 से 10:59:57 तक
यमगण्ड– 09:11:50 से 10:41:56 तक
गुलिक काल– 12:30 to 14:00

Tags: Astrology, Dharma Aastha

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