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कब है वरुथिनी एकादशी, शनि अमावस्या? देखें अप्रैल के चौथे सप्ताह के व्रत एवं त्योहार

इस साल वरुथिनी एकादशी 26 अप्रैल ​को है.

इस साल वरुथिनी एकादशी 26 अप्रैल ​को है.

अप्रैल 2022 के चौथे सप्ताह का प्रारंभ 25 अप्रैल दिन सोमवार से हो रहा है. अप्रैल के अंतिम सप्ताह में वरुथिनी एकादशी (Var ...अधिक पढ़ें

अप्रैल 2022 के चौथे सप्ताह का प्रारंभ 25 अप्रैल दिन सोमवार से हो रहा है, जिसका समापन 01 मई दिन रविवार को होगा. हालांकि 30 अप्रैल शनिवार को यह माह समाप्त हो जाएगा. अप्रैल के अंतिम सप्ताह में वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi), गुरु प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, सूर्य ग्रहण (Surya Grahan), शनि अमावस्या जैसे व्रत एवं त्योहार आने वाले हैं. आइए जानते हैं कि ये व्रत एवं त्योहार कब और किस दिन है ताकि आप समय पूर्व इनके लिए तैयारी कर लें.

अप्रैल 2022 चौथे सप्ताह के व्रत एवं त्योहार

26 अप्रैल, दिन: मंगलवार: वरुथिनी एकादशी व्रत
वरुथिनी एकादशी 2022: इस साल वरुथिनी एकादशी 26 अप्रैल ​को है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से कष्ट एवं दुख दूर होते हैं. विष्णु कृपा से स्वर्ग की प्राप्ति होती है. वैशाख मा​​ह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को वरुथिनी एकादशी कहते हैं. इसके बारे में स्वयं भगवान विष्णु ने राजा मांधाता को बताया था.

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28 अप्रैल, दिन: गुरुवार: गुरु प्रदोष व्रत
गुरु प्रदोष व्रत 2022: अप्रैल का अंतिम प्रदोष व्रत 28 अप्रैल को है. इस दिन वैशाख मा​ह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. गुरु प्रदोष व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. भगवान शिव की कृपा से सुख, समृद्धि, संतान, धन, धान्य आदि का प्राप्ति होती है.

29 अप्रैल, दिन: शुक्रवार: वैशाख मासिक शिवरात्रि
मासिक​ शिवरात्रि 2022: वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि 29 अप्रैल को है. हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. इस दिन रात्रि प्रहर में भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं. विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति एवं सिद्धि के लिए मंत्र जाप भी किया जाता है.

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30 अप्रैल, दिन: शनिवार: वैशाख अमावस्या, शनि अमावस्या, सूर्य ग्रहण
शनि अमावस्या 2022: वैशाख माह की अमावस्या 30 अप्रैल दिन शनिवार को है. शनिवार होने के कारण यह शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान करने की परंपरा है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है. अमावस्या पर पितरों के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं, ताकि उनकी आत्मा तृप्त रहे. शनि आमवस्या पर शनि देव की पूजा करते हैं, जिससे साढ़ेसाती और ढैय्या में राहत मिले.

सूर्य ग्रहण 2022: साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल दिन शनिवार को है. इस दिन शनि अमावस्या भी है. हालां​कि भारत में यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जिसके वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा. शनि अमावस्या को देर रात 12 बजकर 15 मिनट से सूर्य ग्रहण प्रारंभ हो रहा है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Tags: Dharma Aastha, Surya Grahan

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