Ashadh Amavasya 2021: आज है आषाढ़ अमावस्या, मां लक्ष्मी को प्रसन्‍न करने को करें ये काम, दूर होगी धन की कमी

Ashadh Amavasya 2021: इन उपायों से मां लक्ष्‍मी की बरसेगी कृपा.

Ashadh Amavasya 2021: आषाढ़ अमावस्या पर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा के अलावा कृषि यंत्रों की पूजा भी की जाती है. इस पावन अवसर पर शुक्रवार और अमावस्या का विशेष संयोग भी बन रहा है.

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    Ashadh Amavasya 2021: आज आषाढ़ अमावस्या है. इसे हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है. आषाढ़ अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और पितरों का तर्पण किया जाता है. हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन भक्‍त भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा के अलावा कृषि यंत्रों की पूजा भी करते हैं. आषाढ़ी अमावस्या पर शुक्रवार और अमावस्या का विशेष संयोग भी बन रहा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है और इस दिन उनकी पूजा का विशेष महत्‍व है. ऐसे में इस बार इस पावन अवसर पर आप भी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं और अपनी समस्‍याओं के निदान के साथ धन और सुख समृद्धि पा सकते हैं.

    -मान्‍यता है कि अमावस्या के दिन प्रातः काल स्नान करके और स्‍वच्‍छ वस्‍त्र पहन कर आटे की कुछ गोलियां बना लें. इनको बनाते समय माता लक्ष्‍मी का नाम जपते रहें. फिर इन गोलियों को मछलियों को खिलाएं. इससे माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है और धन की कमी दूर हो जाती है.

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    -माना जाता है कि आषाढ़ी अमावस्‍या के द‍िन भूखे लोगों को भोजन कराया जाना चाहिए. यह बहुत फलदायी माना जाता है और इससे जीवन के कष्‍ट दूर होते हैं.

    अमावस्या तिथि पर करें ये काम
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या पर गरीबों को भोजन कराना पुण्यकारी माना गया है. मान्‍यता है कि आषाढ़ अमावस्या के दिन गरीबों को भोजन कराने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन के कष्‍ट दूर होते हैं. इसके अलावा इस दिन शक्कर का दान करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.

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    आषाढ़ अमावस्या पर व्रत और तर्पण
    अमावस्या की तिथि पर विशेष रूप से पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत और तर्पण किया जाता है. आषाढ़ की अमावस्या पर तर्पण और व्रत का विशेष विधान है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है. मान्‍यता है कि इस दिन पितरों को तर्पण अर्पित करना चाहिए. इसके तपश्चात दिन भर फलाहार करते हुए व्रत रखना चाहिए. वहीं इस दिन दान का भी विशेष महत्‍व माना गया है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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