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दूसरों की तुलना में खुद को कमतर समझने का कारण और ज्योतिषी निवारण

तुलनात्मक रवैया व्यक्ति में हीन भावना पैदा कर देता है.

तुलनात्मक रवैया व्यक्ति में हीन भावना पैदा कर देता है.

हर व्यक्ति का स्वभाव और व्यक्तित्व अलग होता है. किसी के मन में ईर्ष्या और जलन का भाव होता है. वहीं किसी के मन में यह भा ...अधिक पढ़ें

Vastu Tips : लोगों का व्यक्तित्व, उसका व्यवहार आसपास के माहौल के अलावा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उसकी ग्रह नक्षत्रों पर भी आधारित होता है. वैसे तो मनुष्य की प्रवृत्ति होती है दूसरों के प्रति ईर्ष्या और जलन का भाव रखना. लेकिन यदि यह जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो खुद के लिए और दूसरों के लिए समस्या का विषय बन जाती है. कुछ परिस्थितियां ऐसी निर्मित होती हैं जिसमें हम खुद को दूसरों से कम आंकने लगते हैं. अगर आपके साथ भी यह समस्या है तो इसका कारण और समाधान हमें बता रहे हैं भोपाल के रहने वाले ज्योतिषी पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

हीन भावना आने के कारण
व्यक्ति के मन में हीन भावना आने का सबसे बड़ा कारण है चिंता और हताशा. जिसका जातक के जीवन पर गहरा असर देखने को मिलता है. इसके अलावा पारिवारिक स्थिति कमजोर होना, मानसिक रूप से विकलांगता या फिर तुलनात्मक रवैया व्यक्ति में हीन भावना पैदा कर देता है.

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हीन भावना आने के ज्योतिषीय कारण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जातक की कुंडली देखकर बताया जा सकता है कि वह हीन भावना से ग्रस्त है. कुंडली के तीसरे स्थान से मनोबल का पता लगाया जाता है. अगर इस घर का स्वामी विपरीत कारक हो जाए या फिर पापी ग्रहों से पीड़ित हो जाए तो कमजोर मनोबल के कारण हीन भावना आ जाती है. इसके अलावा यदि किसी की कुंडली में तृतीयेश शनि हो और शनि की पूर्ण दृष्टि तीसरे घर पर हो तो या तीसरे स्थान पर राहु हो, तो हीनभावना घर कर जाती है.

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हीन भावना से बचने के ज्योतिषी उपाय
यदि कोई व्यक्ति हीन भावना का शिकार है और खुद को दूसरों से कमतर आंकता है तो उसके लिए सबसे अच्छा और सटीक उपाय है उसे आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ. जातक को नियमित रूप से प्रतिदिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए. इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ने लगता है.

इसके अलावा ताम्र पात्र से सुबह के समय सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए और सूर्य मंत्र – ॐ घृणि सूर्याय नमः का प्रतिदिन जाप करना चाहिए.

गुरु अशुभ स्थानों पर हों तो गुरु के साथ रहें, उनका आदर करें, पीली वस्तुओ का दान करें.

Tags: Dharma Aastha, Religion, Vastu, Vastu tips

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