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क्या आप भी शरीर पर बनवाते हैं धार्मिक टैटू, तो इन बातों का रखें ध्यान

शरीर पर धार्मिक टैटू बनवाने से व्यक्ति के भाग्य और ग्रहों पर पड़ता है असर.

शरीर पर धार्मिक टैटू बनवाने से व्यक्ति के भाग्य और ग्रहों पर पड़ता है असर.

आजकल युवाओं के बीच टैटू बनवाने का खूब प्रचलन है. लोग कई तरह के डिजाइन की टैटू शरीर पर बनवाते हैं. लेकिन अगर आपने शरीर पर धार्मिक टैटू बनवाई है या बनवाना चाहते हैं तो कुछ बातों को ज़रूर ध्यान में रखें, क्योंकि इसका प्रभाव आपके भाग्य और ग्रहों पर पड़ सकता है.

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हाइलाइट्स

गलत आकृति या चिह्न के न बनवाएं धार्मिक टैटू.
धार्मिक टैटू का ग्रहों और भाग्य पर पड़ता है असर.
महिला को बाएं और पुरुष को दाएं हाथ में बनवाना चाहिए टैटू.

Astrology Tips For Religious Tatto: आजकल टैटू बनवाने का प्रचलन खूब बढ़ गया है. खासकर युवाओं के बीच टैटू बनवाने का क्रेज देखने को अधिक मिलता है. लोग फैशन, स्टाइल और खूबसूरती के लिए शरीर पर टैटू बनवाते हैं. ज्योतिष के अनुसार, टैटू का संबंध केवल स्टाइल और फैशन से ही नहीं होता, बल्कि इसका प्रभाव अलग-अलग तरीके से व्यक्ति के जीवन पर भी पड़ता है. यदि आप अपने शरीर पर धार्मिक टैटू बनवाते हैं तो इसका प्रभाव आपके भाग्य और ग्रहों पर भी पड़ता है. ज्योतिष के अनुसार, धार्मिक टैटू बनवाते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि धार्मिक टैटू आपके भाग्य के लिए अच्छा और बुरा दोनों हो सकता है, जिसका असर व्यक्ति के मन-मस्तिष्क व जीवन पर भी पड़ता है. दिल्ली के आचार्य गुरमीत सिंह जी से जानते हैं शरीर पर धार्मिक टैटू बनवाते समय किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान.

धार्मिक टैटू पर न करें एक्सपेरिमेंट
यदि आप अपने शरीर पर धार्मिक टैटू बनवा रहे हैं तो इसे लेकर कोई नया एक्सपेरिमेंट बिल्कुल भी ना करें. धार्मिक टैटू जैसे कि स्वास्तिक, ओम या किसी मंत्र का टैटू बनवाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें की उसकी आकृति सही होनी चाहिए और लिखे गए मंत्र भी सही होने चाहिए. गलत आकृति के बने टैटू से नेगेटिविटी बढ़ती है और इसका बुरा प्रभाव आपके जीवन पर पड़ सकता है.

धार्मिक टैटू को लेकर इन बातों का भी रखें ध्यान
शरीर पर धार्मिक टैटू बनवाते समय इस बात का ज़रूर ध्यान रखें कि धार्मिक टैटू ऐसी जगह बनाएं जहां जूठन या फिर गंदगी ना होती हो. जैसे कि हथेली पर धार्मिक टैटू नहीं बनवाना चाहिए. हथेली पर धार्मिक चिह्न, मंत्र या भगवान का चित्र जैसे टैटू ना बनवाएं. इससे खाना खाते समय धार्मिक टैटू पर जूठन लगता है जोकि शुभ नहीं माना जाता. हाथ के अलावा पैरों में भी धार्मिक टैटू नहीं बनाना चाहिए. मान्यता है कि महिलाओं को अपने बाएं हाथ और पुरुषों को अपने दाएं हाथ पर टैटू बनवाना चाहिए.

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शरीर के इन हिस्सों में बनवाएं धार्मिक टैटू
धार्मिक टैटू को शरीर के ऐसे हिस्से में बनवाएं जहां जूठन, गंदगी या फिर अशुद्ध चीजें स्पर्श न होती हो. धार्मिक टैटू के लिए हाथ, कमर, पीठ आदि जैसे स्थान सही माने जाते हैं. शरीर के सही हिस्से और सही तरीके से धार्मिक टैटू बनवाने से व्यक्ति का कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता है और हर क्षेत्र में सफलता हासिल होती है. साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव भी बढ़ता है.

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पुराने समय से चली आ रही है टैटू की परंपरा
बता दें कि युवाओं में भले ही इन दिनों टैटू बनाने का क्रेज बढ़ चढ़कर देखने को मिलता है. लेकिन हमारे देश में टैटू बनवाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. पुराने समय में लोग नाक, कान, गले, पेट, चेहरे आदि कई जगहों पर टैटू बनवाते थे. इसे गोदना, गोदन या फिर गोदवाना कहा जाता था. आजकल आधुनिक समय में गोदना को ही हम टैटू के नाम से जानते हैं. आजकल टैटू बनवाने के लिए डिजाइन के तौर पर कई ऑपशन्स होते हैं और कलर्स टैटू भी होते हैं. लेकिन पहले के समय में केवल नीले रंग के टैटू या गोदन देखे जाते थे.

Tags: Dharma Aastha, Religious

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