बंदरिया गांव जहां होता है बजरंबली की प्रतिमा के साथ एक चमत्कार!

जब हनुमान जी की प्रतिमा छोटी थी तो मंदिर भी छोटा बनवाया गया था लेकिन अब जब प्रतिमा अपने आप बढ़ रही है तो मंदिर छोटा पड़ने लगा है.

जब हनुमान जी की प्रतिमा छोटी थी तो मंदिर भी छोटा बनवाया गया था लेकिन अब जब प्रतिमा अपने आप बढ़ रही है तो मंदिर छोटा पड़ने लगा है.

Hanuman Jayanti 2021: बंदरिया गांव में बजरंगबली (Bajrangbali) का एक मंदिर लोगों के आस्था का केंन्द्र बना हुआ है. इस मंदिर में विराजमान बजरंगबली की महिमा अपरंपार है. इनका चमत्कार अद्भुत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 8:47 AM IST
  • Share this:
Hanuman Jayanti 2021: आज के समय में बजरंगबली (Bajrangbali) के भक्तों की कमी नहीं है क्योंकि उनकी महिमा अपरंपार है और जब लोगों को खुद हनुमान जी (Hanuman Ji) का चमत्कार दिखने लगे तो फिर लोगों की आस्था और बढ़ जाती है. ऐसा ही कुछ देखने को मिलता है मंडला (Mandala) जिले से करीब 80 किलोमीटर दूर बंदरिया गांव में जहां हनुमान जी का अद्भुत चमत्कार लोगों को मंत्रमुग्ध करता है. दरअसल यहां हनुमान जी की प्रतिमा हर साल बढ़ती जाती है. हनुमान जयंती के अवसर पर आइए आपको बताते हैं इस खास मंदिर के बारे में.

मंडला जिला के निवास विकासखंड के बंदरिया गांव में बजरंगबली का एक मंदिर लोगों के आस्था का केंन्द्र बना हुआ है. इस मंदिर में विराजमान बजरंगबली की महिमा अपरंपार है. इनका चमत्कार अद्भुत है. यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. भगवान श्रीराम के भक्त बजरंगबली के चमत्कारों के किस्से तो अक्सर सुनने को मिलते हैं लेकिन मंडला जिले के निवास विकासखंड के बंदरिया गांव में हुनमान जी के इस मंदिर में चमत्कार देखने को मिल रहा है. इस मंदिर में उत्पन्न हनुमान जी की प्रतिमा अपने आप लगातार बढ़ रही है. लोगों ने बताया कि यह मूर्ति यही पर उत्पन्न हुई थी, तब यह लगभग 3 फिट की थी और ग्रामीणों ने छोटा सा मंदिर का निर्माण कराया था. लेकिन हनुमान जी की ये मूर्ति लगातार बढ़ने लगी और वर्तमान में ये मूर्ति साढ़े सात फीट की हो गई है.

इसे भी पढ़ेंः Hanuman Jayanti 2021: इस विशेष मंदिर में 3 बार बदल जाता है हनुमान जी का स्वरूप, ये है पौराणिक कथा

जब हनुमान जी की प्रतिमा छोटी थी तो मंदिर भी छोटा बनवाया गया था लेकिन अब जब प्रतिमा अपने आप बढ़ रही है तो मंदिर छोटा पड़ने लगा है जिसके चलते अब मंदिर का भव्य निर्माण एक बार फिर से कराया जा रहा है. हनुमान जी की कई महीमा की वजह से यह मंदिर लोगों के बीच एक बड़ा आस्था का केन्द्र है. ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जयंती पर यहां आने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है जिसके चलते यहां पर हनुमान जी के दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं.
इसे भी पढ़ेंः Hanuman Jayanti 2021: हनुमान जंयती के दिन अपनाएं ये वास्तु टिप्स, घर में आएगी सुख-शांति

सालों से इस मंदिर में आ रहे लोग बताते हैं कि हनुमान जी की इस मूर्ति को कुछ साल पहले चोरी करने का प्रयास भी किया गया था लेकिन चोर सफल नहीं हुए थे. इतिहासकार और पुरात्तव संग्राहक बताते हैं कि मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान जी की प्रतिमा 8वीं से 11वीं सदी के बीच की है और यहां अगर कोई सच्चे मन से मन्नत मांगता है तो वो जरूर पूरी होती है. इस मंदिर से भक्तों की बहुत आस्था जुड़ी हुई है. यहां के गांव के पुराने लोग भगवान बजरंगबली की और उनके चमत्कार के कई किस्से सुनाते हैं, जो अद्भुत हैं. बजरंगबली के इस मंदिर में दर्शन के लिए अपनी मुरादों को लेकर दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं और बड़ी ही श्रृद्धा और भक्ति के साथ बजरंगबली की पूजा अर्चना करते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज