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Basant Panchami 2020: विद्या और बुद्धि पाने के लिए करें ये 5 काम, मां सरस्वती होंगी खुश

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Updated: January 18, 2020, 6:56 PM IST
Basant Panchami 2020: विद्या और बुद्धि पाने के लिए करें ये 5 काम, मां सरस्वती होंगी खुश
बसंत पंचमी के दिन यदि कोई छात्र मां सरस्वती की अराधना करे, उनके मंत्र का जाप करे या कोई अन्य उपाय करे तो मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनना चाहिए और मां सरस्वती की पीले और सफेद रंग के फूलों से पूजा करनी चाहिए.

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  • Last Updated: January 18, 2020, 6:56 PM IST
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इस बार बसंत पंचमी 29 जनवरी 2020 को है. माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती की पूजा के दिन रूप में भी मनाया जाता है. धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि इसी दिन शब्दों की शक्ति ने मनुष्य के जीवन में प्रवेश किया था. पुराणों में लिखा है सृष्टि को वाणी देने के लिए ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का था. इस जल से हाथ में वीणा धारण कर जो शक्ति प्रकट हुई वह सरस्वती देवी कहलाईं. उनके वीणा का तार छेड़ते ही तीनों लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों में वाणी मिल गई.

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पीले और सफेद रंग के फूलों से पूजा
वह दिन बसंत पंचमी का दिन था इसलिए बसंत पंचमी को सरस्वती देवी का दिन भी माना जाता है. शास्त्रों में बसंत पंचमी के दिन कई नियम बनाए गए हैं जिसका पालन करने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं. बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनना चाहिए और मां सरस्वती की पीले और सफेद रंग के फूलों से पूजा करनी चाहिए. बसंत पंचमी के दिन यदि कोई छात्र मां सरस्वती की अराधना करे, उनके मंत्र का जाप करे या कोई अन्य उपाय करे तो मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है. आइए आपको बताते हैं कि विद्या और बुद्धि की प्राप्ति के लिए इस दिन कौन से 5 काम करने चाहिए.

अपनी किताबों में बसंत पंचमी के दिन मोर पंख जरूर रखना चाहिए. मान्यता है कि इससे पढ़ने में मन लगता है. पढ़ाई पर फोकस भी बढ़ता है.

बच्चों की बुदि्ध तेज करने के लिए बसंत पंचमी के दिन से ही ब्राह्मी, शंखपुष्पी या मेधावटी देना आरंभ करना चाहिए.

जिन बच्चों को हकलाने या बोलने में दिक्कत होती है उन्हें इस दिन बांसुरी के छेद से शहद भरकर उसे मोम से बंद कराकर जमीन में गाड़ देना चाहिए. ऐसा करने से बच्चों के बोलने की दिक्कत दूर होती है.बसंत पंचमी के दिन सुबह उठकर बच्चों को अपनी हथेलियां देखनी चाहिए. मान्यता है कि हथेली में मां सरस्वती का वास होता है जिनकों देखना मां सरस्वती के दर्शन करने के बराबर होता है.

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जिन लोगों को बोलने में दिक्कत हो उन्हें बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने के बाद बीज मंत्र 'ऐं' का जाप जीभ को तालु में लगाकर करना चाहिए.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: January 18, 2020, 6:48 PM IST
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