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Basant Panchami 2020: 29 जनवरी को मनाई जाएगी बसंत पंचमी, जानिए शुभ मुहूर्त

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 4:07 PM IST
Basant Panchami 2020: 29 जनवरी को मनाई जाएगी बसंत पंचमी, जानिए शुभ मुहूर्त
बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है.

Basant Panchami 2020: बसंत पंचमी के दिन से ही नए कामों की शुरुआत होती है. ज्योतिष के मुताबिक बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहर्त के लिए जाना जाता है. इस दिन शुभ कार्यों की शुरुआत करने से परिणाम सकारात्मक मिलते हैं.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 4:07 PM IST
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Basant Panchami 2020: बसंत पंचमी का त्योहार उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल समेत पूरे उत्तर भारत में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी माता का सरस्वती (Saraswati puja) का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन मां सरस्वती की पूजा बड़े ही धूमधाम से की जाती है. कुछ लोग बसंत पंचमी के दिन प्रेम के देवता काम देव की पूजा भी करते हैं. पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है. इस बार बसंत पंचमी का त्योहार 29 जनवरी को मनाया जाएगा.

नए काम की शुरुआत
बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन से ही नए कामों की शुरुआत होती है. ज्योतिष के मुताबिक बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहर्त के लिए जाना जाता है. इस दिन शुभ कार्यों की शुरुआत करने से परिणाम सकारात्मक मिलते हैं. बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है. कुछ घरों में इस दिन पीले पकवान और भोजन बनाने की परंपरा भी है.

माता सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:47:38 से दोपहर 12:34:23 बजे तक है.
माता सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:47:38 से दोपहर 12:34:23 बजे तक है.


पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष के अनुसार इस बार बसंत पंचमी का त्योहार 29 जनवरी 2020 बुधवार को पड़ रहा है. इस साल माता सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:47:38 से दोपहर 12:34:23 बजे तक है.

पूजा की विधि बसंत पंचमी के मौके पर लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं. हिंदू पंचांग के मुताबिक, पंचमी तिथि सूर्योदय और दोपहर के बीच रहती है. बसंत पंचमी पर मां सरस्वती पूजा करते समय सरस्वती चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन गृह प्रवेश, वाहन खरीदना,नींव पूजन, नया व्यापार प्रारंभ जैसे मांगलिक कामों की शुरुआत करने पर शुभ फल मिलता है.

सरस्वती पूजा की विशेषताएं.
विद्यादायिनी देवी (Saraswati puja) का दिन होने के कारण इस दिन पढ़ाई-लिखाई की शुरुआत की जाती है. छोटे बच्चों को इस दिन अक्षरों से परिचय कराया जाता है और माना जाता है कि इससे वे अकादमिक में अच्छे होते हैं. किसी दूसरे काम के लिए भी इस दिन शुरुआत करने को शुभ मानते हैं. इस त्योहार पर पीले रंग का महत्व बताया गया है क्योंकि बसंत का पीला रंग समृद्धि, ऊर्जा, प्रकाश और आशावाद का प्रतीक है.

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First published: January 27, 2020, 4:01 PM IST
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