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Bhagwan Shiv ki Kahani: क्यों भगवान शिव डर कर छिपे थे गुप्ताधाम की गुफा में, जानें कहानी

Bhagwan Shiv ki Kahani: क्यों भगवान शिव डर कर छिपे थे गुप्ताधाम की गुफा में, जानें कहानी

भगवान शिव ने भस्मासुर की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया था.

भगवान शिव ने भस्मासुर की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया था.

Bhagwan Shiv ki Kahani: बिहार के रोहतास जिला के चेनारी प्रखंड में गुप्ता धाम मंदिर की गुफा में स्थित भगवान शिव की महिमा का बखान प्राचीनकाल से ही होता आ रहा है. कहा जाता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर (Bhasmasur) को ऐसा वरदान दिया था जिसकी वजह से वह खुद भी परेशानी में पड़ गए थे.

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    Bhagwan Shiv ki Kahani: सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार सोमवार (Monday) का दिन भगवान शिव (Lord Shiva) को समर्पित किया जाता है. इस दिन व्रत रखने का बहुत महत्व होता है, कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए सोमवार का व्रत (Fasting On Monday) रखती हैं, तो वहीं शादीशुदा महिलाएं घर में सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए भगवान भोलेनाथ का व्रत करती हैं. मान्यता है कि सोमवार के दिन भगवान भोलेनाथ का व्रत करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है, और उन्हें मन मांगा वरदान प्राप्त होता है. भगवान शिव अपने भक्तों को कभी मायूस नहीं होने देते. उनके इसी स्वभाव के चलते शास्त्रों में कहानी का उल्लेख मिलता है. कहा जाता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर (Bhasmasur) को ऐसा वरदान दिया था जिसकी वजह से वह खुद भी परेशानी में पड़ गए थे और अपनी जान बचाने के लिए उन्हें एक गुफा में छिपना पड़ा था. क्या है वह कहानी आइए जानते हैं.

    कथा के अनुसार
    शास्त्रों में लिखी कथा के अनुसार एक बार की बात है, भगवान शिव भस्मासुर की तपस्या से प्रसन्न होकर उसे वरदान दे देते हैं, कि वह जिसके सिर पर भी अपना हाथ रखेगा वह आदमी भस्म हो जाएगा. यह वरदान मिलने के बाद भस्मासुर के आतंक से ऋषि मुनियों में हाहाकार मच गया, सभी देवी देवता सोचने लगे कि भस्मासुर को कैसे मारा जाए. इसी बीच नारद मुनि भस्मासुर से कहते हैं कि तुम इतने बलवान हो तुम्हारे पास तो माता पार्वती जैसी सुंदर स्त्री होना चाहिए. नारद मुनि की यह बात सुनकर भस्मासुर माता पार्वती को पाने की इच्छा लेकर भगवान शिव को भस्म करने के लिए उनके पीछे भागा. खुद के द्वारा दिए गए वरदान के कारण भगवान शिव भस्मासुर को नहीं मार सकते थे. इसलिए भगवान शिव ने माता पार्वती का रूप धारण किया और भस्मासुर के साथ नृत्य करने लगे. नृत्य के दौरान भगवान शिव ने अपने सिर पर हाथ रखा, वैसा ही भस्मासुर ने भी किया और वह खुद ही के सिर पर हाथ रखकर भस्म हो गया.

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    इसके बाद भगवान विष्णु ने कामधेनु की मदद से उस गुफा में प्रवेश किया, जिस गुफा में भगवान शंकर थे. यहां सभी देवी देवताओं ने भगवान शिव की आराधना की उसी समय भगवान शिव ने उस स्थान को गुप्ता धाम का नाम लिया.

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    आज भी मौजूद है वो गुफा
    बिहार के रोहतास जिला के चेनारी प्रखंड में गुप्ता धाम मंदिर की गुफा में स्थित भगवान शिव की महिमा का बखान प्राचीनकाल से ही होता आ रहा है. कैमूर पहाडियों के प्राकृतिक सौन्दर्य से शोभायमान वादियों में स्थित इस गुफा में जलाभिषेक करने के बाद श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी हो जाती है.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Lifestyle, Religion

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