Bhai Dooj 2020: जानें भाई दूज पर तिलक लगाने की सही विधि, इस समय करें पूजा

तिलक करने के बाद फूल, पान, सुपारी, बताशे और काले चने भाई को दें और उनकी आरती उतारें.
तिलक करने के बाद फूल, पान, सुपारी, बताशे और काले चने भाई को दें और उनकी आरती उतारें.

मान्यता है कि भाई दूज (Bhai Dooj 2020) के दिन बहनों के घर भोजन करने से भाई (Brother) की उम्र बढ़ती है. इस दिन यमुना में डुबकी लगाने की भी परंपरा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 2:37 PM IST
  • Share this:
भाई दूज (Bhai Dooj 2020) का पर्व कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इस साल भाई दूज का त्योहार 16 नवंबर 2020 को मनाया जाएगा और इसी पर्व के साथ पंच दिवसीय दीपोत्सव का समापन भी हो जाता है. रक्षाबंधन की तरह ही यह त्योहार भी भाई-बहन (Brother and Sister) के लिए बेहद खास होता है. भाई दूज पर भाई की लंबी उम्र की कामना से बहनें उन्‍हें टीका करती हैं. ये प्रथा सदियों पुरानी है. ये दिन भाई बहन के लिए स्पेशल होता है क्योंकि इस दिन बहनें अपने भाइयों को अपने घर भोजन के लिए बुलाती हैं और उन्हें प्यार से खाना खिलाती हैं. उन्हें मिठाई और सूखा नारियल देकर उनकी सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना करती हैं.

ऐसी मान्यता है कि भाई दूज के दिन बहनों के घर भोजन करने से भाई की उम्र बढ़ती है. इस दिन यमुना में डुबकी लगाने की भी परंपरा है. इस दिन यमुना में स्नान करने का बड़ा ही महत्व बताया गया है. आइए आपको बताते हैं कि क्या है भाई को तिलक करने की सही विधि और भाई दूज पर तिलक करने का शुभ मुहूर्त के बारे में.

इसे भी पढ़ें: Dhanteras 2020: कब है धनतेरस? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और इस त्योहार का महत्व



भाई दूज पर तिलक का शुभ मुहूर्त
भाई दूज पर तिलक का समय- दोपहर 01:10 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक
अवधि- 2 घंटा 8 मिनट
द्वितीया तिथि प्रारंभ-16 नवंबर 2020 को सुबह 07:06 बजे से
द्वितीया तिथि समाप्त- 17 नवंबर 2020 को तड़के 03:56 बजे तक

भाई को तिलक लगाने की विधि

–सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. भगवान का पूजन करें.

–मुहूर्त से पहले भाई के तिलक के लिए थाल सजा लें.

–थाल में कुमकुम, सिंदूर, चंदन, फल, फूल, मिठाई, अक्षत और सुपारी रख लें.

इसे भी पढ़ेंः Bhai Dooj 2020: इस दिन मनाया जाएगा भाई दूज का पर्व, जानें क्या है इसका महत्व और शुभ मुहूर्त

–पिसे हुए चावल के आटे या घोल से चौक बनाएं और शुभ मुहूर्त में इस चौक पर भाई को बिठाएं.

–इसके बाद भाई को तिलक लगाएं.

–तिलक करने के बाद फूल, पान, सुपारी, बताशे और काले चने भाई को दें और उनकी आरती उतारें.

–तिलक और आरती के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और अपने हाथों से बना भोजना कराएं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज