Bhai Dooj 2020: आज है भाई दूज का पर्व, जानें भाई को तिलक करने का शुभ मुहूर्त और सही विधि

भाई दूज पर भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए बहनें उन्‍हें टीका करती हैं.
भाई दूज पर भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए बहनें उन्‍हें टीका करती हैं.

भाई दूज (Bhai Dooj 2020) पर भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए बहनें उन्‍हें टीका करती हैं. ये प्रथा सदियों पुरानी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 7:36 AM IST
  • Share this:
भाई दूज (Bhai Dooj 2020) का पर्व कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इस साल भाई दूज का त्योहार 16 नवंबर यानी आज मनाया जा रहा है. इसी पर्व के साथ पंच दिवसीय दीपोत्सव का समापन भी हो जाता है. रक्षाबंधन की तरह ही यह त्योहार भी भाई-बहन (Brother and Sister) के लिए बेहद खास होता है. भाई दूज पर भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए बहनें उन्‍हें टीका करती हैं. ये प्रथा सदियों पुरानी है. ये दिन भाई बहन के लिए स्पेशल होता है क्योंकि इस दिन बहनें अपने भाइयों को अपने घर भोजन के लिए बुलाती हैं और उन्हें प्यार से खाना खिलाती हैं. उन्हें मिठाई और सूखा नारियल देकर उनकी सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना करती हैं.

ऐसी मान्यता है कि भाई दूज के दिन बहनों के घर भोजन करने से भाई की उम्र बढ़ती है. इस दिन यमुना में डुबकी लगाने की भी परंपरा है. इस दिन यमुना में स्नान करने का बड़ा ही महत्व बताया गया है. आइए आपको बताते हैं कि क्या है भाई को तिलक करने की सही विधि और भाई दूज पर तिलक करने का शुभ मुहूर्त के बारे में.

इसे भी पढ़ेंः Happy Bhai Dooj 2020 Wishes, Quotes and Masseges: इन संदेशों के साथ दें भाईदूज की शुभकामनाएं 



भाई दूज पर तिलक का शुभ मुहूर्त
भाई दूज पर तिलक का समय- दोपहर 01:10 बजे से दोपहर 03:18 बजे तक
अवधि- 2 घंटा 8 मिनट
द्वितीया तिथि प्रारंभ-16 नवंबर 2020 को सुबह 07:06 बजे से
द्वितीया तिथि समाप्त- 17 नवंबर 2020 को तड़के 03:56 बजे तक

भाई को तिलक लगाने की विधि
–सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. भगवान का पूजन करें.
–मुहूर्त से पहले भाई के तिलक के लिए थाल सजा लें.
–थाल में कुमकुम, सिंदूर, चंदन, फल, फूल, मिठाई, अक्षत और सुपारी रख लें.
–पिसे हुए चावल के आटे या घोल से चौक बनाएं और शुभ मुहूर्त में इस चौक पर भाई को बिठाएं.
–इसके बाद भाई को तिलक लगाएं.
–तिलक करने के बाद फूल, पान, सुपारी, बताशे और काले चने भाई को दें और उनकी आरती उतारें.
–तिलक और आरती के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और अपने हाथों से बना भोजना कराएं.

इसे भी पढ़ेंः Bhai Dooj 2020: जानें भाई दूज पर तिलक लगाने की सही विधि, इस समय करें पूजा

क्यों मनाया जाता है भैया दूज
कहते हैं कि यमराज को उनकी बहन यमुना ने कई बार मिलने के लिए बुलाया, लेकिन यम नहीं जा पाए. जब वो एक दिन अपनी बहन से मिलने पहुंचे तो उनकी बहन बेहद खुश हुई और उन्होंने यमराज को बड़े ही प्यार व आदर से भोजन कराया और तिलक लगाकर उनकी खुशहाली की कामना की. खुश होकर यमराज ने बहन यमुना से वरदान मांगने को कहा. तब यमुना ने मांगा कि इस तरह ही आप हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया मेरे घर आया करो. वहीं इस दिन जो भी भाई अपनी बहन के घर जाएगा और उनके घर में भोजन करेगा व बहन से तिलक करवाएगा तो उसे यम व अकाल मृत्यु का भय नहीं होगा. यमराज ने उनका ये वरदान मान लिया और तभी से ये त्योहार मनाया जाने लगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज