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Navratri 2020: क्यों कलश स्थापना से पहले जौ बोना है जरूरी, जानें महत्व

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Updated: March 25, 2020, 4:16 PM IST
Navratri 2020: क्यों कलश स्थापना से पहले जौ बोना है जरूरी, जानें महत्व
जौ बोने का महत्व

नवरात्रि की पूजा से पहले जौ बोया होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर घट स्थापना से पहली जौ बोये जाने का क्या अर्थ है और इसका महत्व क्या है...

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  • Last Updated: March 25, 2020, 4:16 PM IST
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नवरात्रि के पहले दिन ही घट स्थापना के साथ पूजा का शुभारंभ होता है. घट स्थापित करने से पहले साफ मिट्टी में जौ बोये जाने की परंपरा है. पूरे नौ दिन के व्रत के दौरान इस बात का ख्याल रखा जाता है कि जौ अच्छे से विकसित होता रहे. हर बार की तरह शायद आपने इस बार भी नवरात्रि की पूजा से पहले जौ बोया होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर घट स्थापना से पहली जौ बोये जाने का क्या अर्थ है और इसका महत्व क्या है...

जौ बोने का महत्व:
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने इस संसार की रचना की तब सारी वस्तुएं अपनी मूलभूत प्रकृति में थी. ऐसे में वनस्पति के नाम पार पहली फसल जो विकसित हुई वो 'जौ' की थी. यही वजह है कि नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापित करने से पहले पूरे विधि विधान के साथ जौ बोने की परंपरा चली आ रही है. दरअसल, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जौ को परमपिता ब्रह्मा जी का प्रतीक माना जाता है. इसीलिए सबसे पहले जौ की पूजा होती है और उसे कलश से भी पहले स्थापित किया जाता

जौ की बढ़त रखती है मायने:



नवरात्रि के दौरान बोया गया जौ कितनी तेजी से बढ़ता है, इसका अपना अलग ही महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जौ जितनी तेजी से बढ़ता है ठीक उसी तेजी के साथ जातक भी दिन दूनी रात चौगुनी उन्नति करता है.

जौ ठीक से न बढ़े तो करें ये काम:
अगर नवरात्रि के दौरान जौ की बढ़त में दिक्कत आए तो आपको अष्टमी के दिन मां से विनती करें कि वो आपकी भूल चूक को माफ करें और आपकी परेशानियों का निवारणकरें करें और मां के बीज मंत्र का 1008 बार जाप करना चाहिए ताकि कष्टों से मुक्ति मिल सके.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: March 25, 2020, 4:12 PM IST
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