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Navratri Second Day: भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए मां ब्रह्मचारिणी ने कठोर तप, पढ़ें कथा.

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Updated: March 26, 2020, 7:58 AM IST
Navratri Second Day: भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए मां ब्रह्मचारिणी ने कठोर तप, पढ़ें कथा.
मां ब्रह्मचारिणी व्रत कथा और आरती

Navratri Second Day: पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी ने देवराज हिमालय और उनकी पत्नी मैनादेवी के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया.

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  • Last Updated: March 26, 2020, 7:58 AM IST
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मां ब्रह्मचारिणी की कथा:

पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी ने देवराज हिमालय और उनकी पत्नी मैनादेवी के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया. एक दिन महर्षि नारद हिमालय के दरबार में आए और बताया कि भगवान शिव आपकी पुत्री को पति रूप में प्राप्त होंगे. लेकिन इससे पहले ही हिमालय यह संकल्प कर चुके थे कि वो अपनी पुत्री का विवाह भगवान विष्णु से करेंगे. लेकिन जब मां ब्रह्मचारिणी ने इस बात को सुना तो उन्होंने भी भगवान शिव से विवाह करने की ठानी लेकिन हिमालय और मां मैना इसके लिए राजी नहीं थे. इसपर देवी ब्रह्मचारिणी ने बिना किसी को जानकारी दिए हुए अपनी सखियों के साथ घर छोड़ दिया और घोर जंगल में जाकर तप करने लगीं. उन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी. तपस्या के दौरान मां ब्रह्मचारिणी ने एक हजार वर्ष तक केवल फल-फूल खाकर बिताए और सौ वर्षों तक केवल जमीन पर रहकर शाक पर निर्वाह किया. कुछ दिनों तक कठिन व्रत रखे और खुले आकाश के नीचे वर्षा और धूप के घोर कष्ट सहे. तीन हजार वर्षों तक टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना करती रहीं. इसके बाद तो उन्होंने सूखे बिल्व पत्र खाना भी छोड़ दिए. कई हजार वर्षों तक निर्जल और बिना कुछ खाये पिए तपस्या करती रहीं.

कठिन तपस्या के कारण देवी की काय एकदम क्षीण हो गई. अन्त में भगवान शिव देवी के कठोर तप की वजह से प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा- इसपर-देवी ब्रह्मचारिणी ने कहा कि यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं तो आप ही मुझे पति रूप में प्राप्त हों. भगवान शिव ने तथास्तु ऐसा ही हो कहा और देवी को घर लौट जाने के लिए कहा.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: March 26, 2020, 6:50 AM IST
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