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Navratri Second Day: नवरात्रि के दूसरे दिन इस विधि से करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें महत्व

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Updated: March 26, 2020, 6:09 AM IST
Navratri Second Day: नवरात्रि के दूसरे दिन इस विधि से करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें महत्व
नवरात्रि के दूसरे दिन इस विधि से करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्रि २०२०, नवरात्रि दूसरा दिन (Navratri 2020): नवरात्रि के दूसरे दिन जो साधक पूरे विधि विधान से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना करता है उसकी कुंडलिनी शक्ति और आज्ञा चक्र जाग्रत हो जाता है.

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  • Last Updated: March 26, 2020, 6:09 AM IST
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नवरात्रि २०२०, नवरात्रि दूसरा दिन (Navratri 2020): नवरात्र का दूसरा दिन 26 मार्च को है. नवरात्रि के दूसरे दिन भक्त मां नव दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना करेंगे. ब्रह्म का शाब्दिक अर्थ है 'तप' तथा 'चारिणी' का शाब्दिक अर्थ है 'आचरण . मां ब्रह्मचारिणी का स्वरुप तेजोमंडल से युक्त है. मां ने बाएं हाथ में कमंडल धारण किया है और दाएं हाथ में स्फटिक की माला है. मां ब्रह्मचारिणी ने सफ़ेद रंग की लाल किनारे वाली साड़ी धारण की है. पौराणिक मान्यता है कि, नवरात्रि के दूसरे दिन जो साधक पूरे विधि विधान से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना करता है उसकी कुंडलिनी शक्ति और आज्ञा चक्र जाग्रत हो जाता है. आइए जानते हैं नवरात्रि में मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए पूजा की विधि और मंत्र...

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का बीज मंत्र:
या देवी सर्वभू‍तेषु ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:..



मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने की विधि:

नवरात्रि के दूसरे दिन प्रातः सुबह उठकर स्नान करें. इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें. पूजा घर में झाड़ू-पोछा करें. इसके बाद गंगाजल से पवित्रीकरण करें. इसके बाअद बैठकर पूजा करें. पूजा करते हुए हाथ जोड़कर मां ब्रह्मचारिणी के बीज मंत्र का पाठ करते हुए घट (कलश) में मां का आह्वाहन करें. देसी घी का दिया प्रज्वलित कर मां की पूजा अर्चना करें. मां को मिश्री, शक्कर और पंचामृत अर्पित करें.

इसके बाद मां को दूध, दही, चीनी, घी और शहद से स्नान कराएं. मां को रोली, पुष्प, चन्दन और अक्षत चावल अर्पित करें. बाएं हाथ से गंगाजल का आचमन का जल लेकर दाएं हाथ की उंगलियों को उसमें डुबोकर शिखा पर लगाएं इसके बाद इस पवित्र जल को ग्रहण कर लें. इसके बाद दाएं हाथ में पान, सुपारी और पवित्र गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प पढ़ें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: March 26, 2020, 6:05 AM IST
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