Chaitra Navratri 2021: नवरात्रि में इस दिन करें घट स्थापना, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

चैत्र नवरात्रि 2021 कलश स्थापना को गणेश जी की पूजा के रूप में माना गया है.  (credit: shutterstock)

चैत्र नवरात्रि 2021 कलश स्थापना को गणेश जी की पूजा के रूप में माना गया है. (credit: shutterstock)

Chaitra Navratri 2021 Date Kalash Sthapana Vidhi And Shubh Muhurt: नवरात्रि के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त अनुसार ही घटस्थापना करने के बाद मां शैलपुत्री की आराधना करने का विधान है...

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  • Last Updated: April 2, 2021, 11:00 AM IST
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Chaitra Navratri 2021 Date Kalash Sthapana Vidhi And Shubh Muhurt: चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल मंगलवार से प्रारंभ हो रहे हैं. नवरात्रि में मां नव दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है. इस पावन पर्व की शुरुआत घटस्थापना के साथ होती है, जिसका महत्व विशेष माना गया है.हिन्दू धर्म के अनुसार, नवरात्रि के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त अनुसार ही घटस्थापना करने के बाद मां शैलपुत्री की आराधना करने का विधान है. हालांकि प्रथम दिन के अलावा चैत्र नवरात्रि में षष्टी, महा सप्तमी, महा अष्टमी, महा नवमी का विशेष महत्व रहता है. तो चलिए जानते हैं इस वर्ष की चैत्र नवरात्रि के घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व. चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना के नियम और मुहूर्त का समय.

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घटस्थापना शुभ मुहूर्त:

घटस्थापना मुहूर्त – सुबह 05:58 से 10:14 ए एम तक.
अवधि – 04 घण्टे 16 मिनट

घटस्थापना काअभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:56 ए एम से 12:47 पी एम

अवधि – 00 घण्टे 51 मिनट्स



घटस्थापना मुहूर्त प्रतिपदा तिथि पर है.

प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – अप्रैल 12, 2021 को 08:00 ए एम बजे

प्रतिपदा तिथि समाप्त – अप्रैल 13, 2021 को 10:16 ए एम बजे

घटस्थापना का महत्व

नवरात्रि में घटस्थापना (जिसे कलश स्थापना भी कहते हैं) का विशेष महत्व होता है. ये नवरात्रि का पहला दिन होता है और इसी दिन से नवरात्रि पर्व का प्रारंभ माना गया है. सनातन धर्म की मानें तो, किसी भी शुभ कार्य के लिए कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है और इसी कलश को शास्त्रों में भगवान गणेश की संज्ञा दी गई है. इसी लिए हर पूजा या मंगल कार्य की शुरुआत सर्वप्रथम गणेश जी की वंदना से की जाती है, जिसमें कलश की स्थापना पूरे विधि-विधान अनुसार करने के पश्चात ही कोई भी कार्य किया जाता है.

कैसे करें कलश स्थापना व देवी आराधना

चैत्र नवरात्रि शक्ति पर्व है. नौ दिनों तक अलग-अलग माताओं की विभिन्न पूजा उपचारों से पूजन, अखंड दीप साधना, व्रत उपवास, दुर्गा सप्तशती व नवार्ण मंत्र का जाप करें. अष्टमी को हवन व नवमी को नौ कन्याओं का पूजन करें. वैश्विक महामारी कोरोना के चलते अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ख्याल जरूर रखें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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