Chaitra Navratri 2021: नवरात्रि में अष्टमी और रामनवमी का महत्व क्या है? जानें, मुहूर्त

नवरात्र पर इस बार भी कोरोना का असर है. इसके कारण कई प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन नहीं कर पायेंगे.

नवरात्र पर इस बार भी कोरोना का असर है. इसके कारण कई प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन नहीं कर पायेंगे.

Chaitra Navratri 2021 Know Ashtami Navami Ram Navami Significance And Muhurt- चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को, रामनवमी भी कहा जाता है. बुराई पर अच्छे के प्रतीक, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के इस जन्मदिवस को दुनियाभर के राम भक्त, बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 18, 2021, 1:49 PM IST
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Chaitra Navratri 2021 Know Ashtami Navami Ram Navami Significance And Muhurt- नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि पर्व, दुनियाभर में खूब उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है. यह पर्व चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा से आरंभ होकर, नवमी तिथि को समाप्त होता है. हालांकि कई लोग चैत्र नवरात्रि की समाप्ति चैत्र शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पारणा के साथ करते हैं. पारणा के दौरान, 9 दिनों तक चलने वाली चैत्र नवरात्रि पूजा की समाप्ति कर, अगले दिन यानी दशमी तिथि को देवी दुर्गा की षोडशोपचार पूजा करके, उनका विधि-विधान अनुसार विसर्जन कर व्रत खोला जाता है. वर्ष 2021 में अष्टमी तिथि 20 अप्रैल, मंगलवार के दिन और नवमी तिथि 21 अप्रैल, बुधवार के दिन पड़ रही है. जबकि नवरात्रि पारणा की दशमी तिथि 22 अप्रैल, गुरुवार को पड़ेगी.

चैत्र नवरात्रि 2021 रामनवमी मुहूर्त

दिनांक : 21 अप्रैल 2021, बुधवार

रामनवमी मुहूर्त : 11:02:08 से 13:38:08 तक
अवधि : 2 घंटे 36 मिनट

रामनवमी मध्याह्न समय : 12:20:09

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अष्टमी तिथि पर होगी महागौरी की आराधना

महागौरी को मां दुर्गा का आठवां स्वरूप माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए ही, महागौरी स्वरूप में जन्म लिया था. इस दौरान उन्हें वर्षो कठोर तप करना पड़ा था और वर्षों तक किये गए अपने कड़े तप के कारण, मां पार्वती का रंग काला पड़ था. जिसके पश्चात भगवान शिव माता पार्वती की श्रद्धा से प्रसन्न हुए और उन्होंने गंगा के पवित्र जल से उन्हें स्नान कराया, जिसके बाद देवी का रंग गोरा हो गया. उसी दिन से देवी पार्वती का ये स्वरूप महागौरी के नाम से विख्यात हुआ. मां दुर्गा का ये रूप बेहद शांत एवं निर्मल होता है, जिनका वाहन वृषभ है.

नवमी तिथि पर होगी मां सिद्धिदात्री की पूजा

जैसा नाम से ही ज्ञात होता है कि,मां सिद्धिदात्री का शाब्दिक अर्थ है सिद्धि देने वाली. देवी दुर्गा का ये नौवां स्वरूप है, जो बेहद सुंदर और मनमोहक होता है. अपने इस स्वरूप में मां लाल साड़ी पहने हुए है और सिंह की सवारी कर रही हैं.

अष्टमी और नवमी का महत्व

अष्टमी और नवमी तिथि, घटस्थापना तिथि की तरह ही नवरात्रि के दो विशेष दिन होते हैं. इसलिए मां के भक्त इन दोनों ही दिन, बड़े हर्षोल्लास के साथ देवी दुर्गा की उपासना करते हैं. इस दिन भक्त मां दुर्गा से आशीर्वाद पाने के लिए, कन्या पूजन करते हैं.

रामनवमी

चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि, रामनवमी के रूप में भी मनाई जाती है. क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही वो तिथि थी जब भगवान विष्णु ने भगवान राम के रूप में पृथ्वी पर जन्म लिया था. यही मुख्य कारण है कि चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को, रामनवमी भी कहा जाता है. बुराई पर अच्छे के प्रतीक, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के इस जन्मदिवस को दुनियाभर के राम भक्त, बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. (साभार: astrosage)
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