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Chanakya Niti: ऐसे लोग बन सकते हैं विनाश का कारण, इनसे बनाएं दूरी

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्‍य के अनुसार दुर्जन व्‍यक्ति को रहस्‍य न बताएं.
Chanakya Niti: आचार्य चाणक्‍य के अनुसार दुर्जन व्‍यक्ति को रहस्‍य न बताएं.

चाणक्य नीति (Chanakya Niti): आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) ने चाणक्‍य नीति में बताया है कि अगर हम किसी से कुछ पाना चाहते हैं, तो उससे ऐसे शब्द बोलें जिससे वह प्रसन्न हो जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 11:07 AM IST
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चाणक्य नीति (Chanakya Niti): आचार्य चाणक्य एक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में विश्व विख्‍यात हुए. आज भी चाणक्य के बताए गए सिद्धांत और नीतियां प्रासंगिक हैं. आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) ने चाणक्य नीति के माध्‍यम से जीवन की कुछ समस्‍याओं के समाधन की ओर भी ध्‍यान दिलाया है. चाणक्‍य नीति में जीवन को सफल बनाने के साथ कुछ अहम बातें भी बताई गई हैं. चाणक्‍य नीति कहती है कि अगर हम किसी से कुछ पाना चाहते हैं, तो उससे ऐसे शब्द बोलें जिससे वह प्रसन्न हो जाएं. आज हम आपके लिए 'हिंदी साहित्य दर्पण' के साभार से लेकर आए हैं आचार्य चाणक्य की कुछ नीतियां. इनको जीवन में उतार कर व्‍यक्ति जीवन में न सिर्फ सफल ही हो सकता है, बल्कि सुखी जीवन व्‍यतीत करते हुए खुद को बेहतर मनुष्‍य भी बना सकता है. इसलिए जीवन में इन बातों पर जरूर ध्‍यान दिया जाना चाहिए.

स्‍वस्‍थ शरीर बहुत बड़ी दौलत
चाणक्‍य नीति के अनुसार आप दौलत, मित्र, पत्नी और राज्य गंंवाकर वापस पा सकते हैं, लेकिन यदि आप अपनी काया गंवा देते है, तो वापस नहीं मिलेगी.

एकता शत्रु को हरा सकती है
आचार्य चाणक्‍य के अनुसार अगर हम बड़ी संख्या में एकत्र हो जाएं तो दुश्मन को हरा सकते हैं. इसी प्रकार जैसे घास के तिनके एक-दूसरे के साथ रहने के कारण भारी बारिश में भी क्षय नहीं होते.



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दुर्जन व्‍यक्ति को रहस्‍य न बताएं
चाणक्‍य नीति कहती है कि पानी पर तेल, दुर्जन व्‍यक्ति को बताया हुआ रहस्‍य, एक लायक व्यक्ति को दिया हुआ दान और एक बुद्धिमान व्यक्ति को पढ़ाया हुआ शास्त्रों का ज्ञान अपने स्वभाव के कारण तेजी से फैलते हैं.

अभिमान नहीं करना चाहिए
चाणक्‍य नीति के अनुसार हमें अभिमान नहीं होना चाहिए जब हम ये बातें करते हैं-परोपकार, आत्म संयम, पराक्रम, शास्त्र का ज्ञान हासिल करना, विनम्रता और नीतिमत्ता. यह करते वक्‍त अभिमान करने की इसलिए जरूरत नहीं, क्योंकि दुनिया बहुत कम दिखाई देने वाले दुर्लभ रत्नों से भरी पड़ी है.

पास रहने वाला जरूरी नहीं निकट हो
चाणक्‍य नीति कहती है कि वह जो हमारे मन में रहता है, हमारे निकट है. हो सकता है कि वास्तव में वह हमसे बहुत दूर हो, लेकिन वह व्यक्ति जो हमारे निकट है, लेकिन हमारे मन में नहीं है, वह हमसे बहुत दूर है.

कुछ पाना है, मधुर शब्द बोलें
चाणक्‍य नीति में बताया गया है कि हम किसी से कुछ पाना चाहते हैं, तो उससे ऐसे शब्द बोलें जिससे वह प्रसन्न हो जाए. इसी प्रकार जैसे एक शिकारी मधुर गीत गाता है, जब वह हिरन पर बाण चलाना चाहता है.

इन सबसे परिचय न बढ़ाएं
आचार्य चाणक्‍य के अनुसार जो व्यक्ति राजा से, अग्नि से, धर्म गुरु से और स्त्री से बहुत परिचय बढ़ाता है, वह विनाश को प्राप्त होता है. जो व्यक्ति इनसे पूर्ण रूप से अलिप्त रहता है, उसे अपना भला करने का कोई अवसर नहीं मिलता. इसलिए इनसे सुरक्षित अंतर रखकर सम्बन्ध रखना चाहिए.

इनसे सावधानी से पेश आएं
चाणक्‍य नीति कहती है कि हम इनके साथ बहुत सावधानी से पेश आएं- अग्नि, पानी, औरत, मुर्ख, सांप, राज परिवार के सदस्य. जब हम इनके संपर्क में आते हैं. क्योंकि ये हमें एक झटके में मौत तक पहुंचा सकते हैं.

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बुद्धिमान ये बातें किसी को न बताएं
चाणक्‍य नीति में बताया गया है कि जो व्यक्ति बुद्धिमान है वह ये बातें किसी को न बताएं-वह औषधि उसने कैसे बनाई, जो अच्छा काम कर रही है, वह परोपकार जो उसने किया, उसके घर के झगड़े, उसकी उसके पत्नी के साथ होने वाली व्यक्तिगत बातें, उसने जो ठीक से न पका हुआ खाना खाया और जो गालियां उसने सुनीं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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