चाणक्‍य नीति: मूर्ख को न दें उपदेश और इनसे बनाएं दूरी, जानें आचार्य चाणक्‍य की ये 5 बातें

चाणक्‍य नीति: बेहतर भविष्‍य के लिए करें ये काम.

चाणक्‍य नीति: बेहतर भविष्‍य के लिए करें ये काम.

चाणक्य नीति (Chanakya Niti): आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) के अनुसार आने वाले समय की मुसीबतों से निबटने के लिए धन संचय करें. साथ ही धन-सम्पदा त्यागकर भी अपनों की सुरक्षा करें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 9:33 AM IST
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चाणक्य नीति (Chanakya Niti): आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) एक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में जाने जाते हैं. 'चाणक्य नीति' आचार्य चाणक्य की नीतियों का संग्रह है, जो आज भी प्रासंगिक है. सुख और शांतिपूर्ण जीवन के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं. इन नीतियों पर चल कर जीवन को सरल बनाया जा सकता है. जहां उन्‍होंने चाणक्य नीति के माध्‍यम से जीवन की अहम समस्‍याओं के समाधन की ओर ध्‍यान दिलाया है, वहीं जीवन में सफलता (Success) प्राप्‍त करने और अपने लक्ष्‍य पर टिके रहने के संबंध में भी महत्‍वपूर्ण बातें बताई हैं. चाणक्‍य नीति कहती है कि ज्ञानी व्‍यक्ति भी घोर कष्ट में आ जाता है, अगर वह किसी मूर्ख व्‍यक्ति को उपदेश देता है. अगर वह दुष्ट का पालन-पोषण करता है या किसी दुखी व्यक्ति के साथ अत्‍यंत घनिष्ठ संबंध बना लेता है. आप भी जानिए चाणक्‍य नीति की ये खास बातें-

इस तरह करें ज्ञान प्राप्‍त

चाणक्‍य नी‍ति कहती है कि जो व्यक्ति शास्त्रों के सूत्रों का अभ्यास करके ज्ञान ग्रहण करेगा, उसे अत्यंत वैभवशाली कर्तव्य के सिद्धांत ज्ञात होंगे. वह यह जान पाएगा कि उसे किन बातों का अनुसरण करना चाहिए और किनका नहीं. उसे अच्छाई और बुराई का भी ज्ञान होगा.

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मूर्ख व्‍यक्ति को उपदेश न दें

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार एक ज्ञानी व्‍यक्ति भी घोर कष्ट में आ जाता है अगर वह किसी मूर्ख व्‍यक्ति को उपदेश देता है. अगर वह दुष्ट का पालन-पोषण करता है या किसी दुखी व्यक्ति के साथ अत्‍यंत घनिष्ठ संबंध बना लेता है.

करें अपनों की सुरक्षा



चाणक्‍य नी‍ति कहती है कि वर्तमान की मुसीबतों से निबटने के लिए धन संचय करें. इसके अलावा इसमें यह भी कहा गया है कि व्‍यक्ति को धन-सम्पदा त्यागकर भी पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए.

भविष्‍य के बारे में सोचें

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार भविष्य के बारे में किसी को नहीं पता कि वह कैसा होगा. इसलिए आने वाले समय को देखते हुए धन एकत्रित करें. ऐसा न सोचें कि धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? इस बात का ध्‍यान रखें कि जब धन साथ छोड़ता है, तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है.

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ऐसी जगह पर न रहें

चाणक्‍य नी‍ति कहती है कि उस देश, स्‍थान पर निवास नहीं करना चाहिए, जहां व्‍यक्ति का सम्‍मान न हो. जहां उसके करने के लिए कोई काम न हो. जहां आप धन नहीं कमा सकते या फिर ऐसी जगह पर भी न रहें, जहां आपका कोई मित्र न हो. साभार/हिंदी साहित्‍य दर्पण (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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