चाणक्‍य नीति: कठिन समय में याद रखें आचार्य चाणक्‍य की ये 6 बातें, जीवन में होंगे सफल

चाणक्‍य नीति: कठिन समय व्‍यक्ति को कुंदन बनाता है.

चाणक्‍य नीति: कठिन समय व्‍यक्ति को कुंदन बनाता है.

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) के अनुसार सर्व शक्तिमान की इच्छा से ही बुद्धि काम करती है. वही कर्मों को नियंत्रित करता है. उसी की इच्छा से आस-पास से मदद करने वाले आ जाते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2021, 9:38 AM IST
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चाणक्य नीति (Chanakya Niti): 'चाणक्य नीति' आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) की नीतियों का संग्रह है, जो आज भी प्रासंगिक है. आचार्य चाणक्य की ये नीतियां कठिन समय में व्यक्ति को धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं और इनकी मदद से व्यक्ति अच्‍छे और बुरे की पहचान करने में सक्षम हो सकता है. साथ ही शांतिपूर्ण जीवन व्‍यतीत कर सकता है. इन नीतियों पर चल कर जीवन को सरल बनाया जा सकता है. आचार्य चाणक्य एक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में जाने जाते हैं. चाणक्‍य नीति कहती है कि जिस तरह राख से घिसने पर पीतल चमकता है और तांबा इमली से साफ हो जाता है. इसी तरह नदी बहती रहे तो स्‍वच्‍छ रहती है और इसी तरह दुख और कठिन समय व्‍यक्ति को कुंदन बनाते हैं. आप भी जानिए चाणक्‍य नीति की ये महत्‍वपूर्ण बातें-

श्रवण करने से मिलता है ज्ञान

चाणक्‍य नी‍ति कहती है कि सुनना अच्‍छा है, क्‍योंकि श्रवण करने से धर्म का ज्ञान होता है, द्वेष दूर होता है, ज्ञान की प्राप्ति होती है और माया की आसक्ति से मुक्ति मिलती है.

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कठिन समय कुंदन बनाता है

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार जिस तरह राख से घिसने पर पीतल चमकता है और तांबा इमली से साफ हो जाता है. इसी तरह नदी बहती रहे तो स्‍वच्‍छ रहती है और इसी तरह दुख और कठिन समय व्‍यक्ति को कुंदन बनाते हैं.

डगर से भटक कर बर्बाद होते हैं



आचार्य चाणक्‍य के अनुसार राजा, ब्राह्मण और तपस्वी योगी जब दूसरे देश जाते हैं, तो आदर पाते है, लेकिन इंसान अगर अपनी डगर से भटक जाए, तो वह बर्बाद हो जाता है.

धनवान के होते हैं कई मित्र

चाणक्‍य नी‍ति के अनुसार एक धनवान व्यक्ति के कई मित्र होते हैं. उसके कई संबंधी भी होते हैं. यहां धनवान को ही महत्व दिया जाता है और पैसे वालों को कई उपाधियों से सुसज्जित किया जाता है.

उसकी इच्‍छा से बुद्धि काम करती है

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार सर्व शक्तिमान की इच्छा से ही बुद्धि काम करती है. वही कर्मों को नियंत्रित करता है. उसी की इच्छा से आस पास से मदद करने वाले आ जाते है.

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वह जागता है सब सो जाते हैं

चाणक्‍य नी‍ति के अनुसार काल सभी जीवों को निपुणता प्रदान करता है. वही सभी जीवों का संहार भी करता है. वह जागता रहता है जब सब सो जाते हैं. काल को कोई जीत नहीं सकता. साभार/हिंदी साहित्‍य दर्पण (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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