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Chhath Puja 2021 Geet: 'सुनिहा अरज छठी मईया...' पढ़ें छठ महापर्व स्पेशल 5 पारंपरिक गीतों के बोल

Chhath Puja 2021 Geet: 'सुनिहा अरज छठी मईया...' पढ़ें छठ महापर्व स्पेशल 5 पारंपरिक गीतों के बोल

छठ के दिन व्रती पारंपरिक छठी मईया के गीत गाते हैं. Image : Pixabay

छठ के दिन व्रती पारंपरिक छठी मईया के गीत गाते हैं. Image : Pixabay

Chhath 2021 Geet : पूर्वांचल का महापर्व छठ (Chhath) 10 नवम्‍बर को मनाया जाना है. ऐसे में कोरोना के नियमों की वजह से कई पुर्वांचलवासी चाहकर भी इस साल अपने घर से दूर छठ मनाएंगे. घाटों की रौनक और भक्तिभरे माहौल की कमी खलना ऐसे में स्‍वाभाविक ही है. लेकिन छठी मईया और सूरज देव के पारंपरिक गीत (Traditional songs) आपको घर और घाट से खुद के जोड़ने में आपकी काफी मदद कर सकते हैं. ये गाने सालों से व्रतियों की पहली पसंद रहे हैं जिन्‍हें व्रती घाट जाने के रास्‍ते और सूरज देव के उगने के इंतजार के दौरान घाटों पर गाते हैं. यह परंपरा सालों से चली आ रही है और बचपन से लोग ये गाने गुनगुनाते और सुनते आ रहे हैं.

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    Chhath 2021 Geet Or Songs : छठ (Chhath) आते ही कई नए एल्‍बम रिलीज होते हैं और कुछ ही सालों में गायब हो जाते हैं लेकिन पुराने और पारंपरिक (Traditional) छठी मईया के लोक गीतों को बिना गाए त्‍योहार का माहौल नहीं बनता. छठी मईया के ये गीत लोगों को परंपरा और जमीन से जोड़ते हैं और अपनों के करीब ले जाते हैं. फिर चाहे साधना सिन्‍हा के गाऐ केलवा के पात पर गाना हो या मारबउ रे सुगवा धनुस से हो, व्रतियों के लिए ये गाने सदाबहार (Evergreen ) हैं.

    आइए आज हम आपको पारंपरिक छठी मईया के गानों (Chhath Puja Songs) के बोल यहां शेयर करते हैं जिन्‍हें गाकर आप भी घर से दूर रहकर भी खुद को उनके करीब महसूस कर सकेंगे.

    Chhath Puja Geet- छठ पर्व पर गाए जानें वाले 5 पारंपरिक लोक गीत

    1.केलवा के पात पर उगेलन सुरुजमल

    केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके
    केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके
    हो करेलु छठ बरतिया से झांके ऊंके
    हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी
    हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
    हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी
    हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी
    अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरूज मल झांके झुके
    अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरूज मल झांके झुके
    हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके
    हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके
    हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी
    हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
    हमरो जे स्वामी पवन एसन स्वामी उनके लागी
    हमरो जे स्वामी पवन एसन स्वामी उनके लागी
    हे करेली छठ बरतिया से उनके लागी
    हे करेली छठ बरतिया से उनके लागी
    नारियर के पात पर उगेलन सुरूजमल झांके झूके
    नारियर के पात पर उगेलन सुरूजमल झांके झूके
    हे करेलू छठ बरतिया से झांके झूके
    हे करेलू छठ बरतिया से झांके झूके
    हम तोसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी
    हम तोसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
    हमरो जे बेटी पवन ऐसन बेटिया से उनके लागी
    हमरो जे बेटी पवन ऐसन बेटिया से उनके लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी
    हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी

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    1. पहिले पहिल हम कईनी

    पहिले पहिल हम कईनी
    छठी मईया व्रत तोहार ।

    करिहा क्षमा छठी मईया,
    भूल-चूक गलती हमार ।

    सब के बलकवा के दिहा,
    छठी मईया ममता-दुलार ।

    पिया के सनईहा बनईहा,
    मईया दिहा सुख-सार ।

    नारियल-केरवा घोउदवा,
    साजल नदिया किनार ।

    सुनिहा अरज छठी मईया,
    बढ़े कुल-परिवार ।

    घाट सजेवली मनोहर,
    मईया तोरा भगती अपार ।

    लिहिएं अरग हे मईया,
    दिहीं आशीष हजार ।

    पहिले पहिल हम कईनी,
    छठी मईया व्रत तोहर ।

    करिहा क्षमा छठी मईया,
    भूल-चूक गलती हमार ।

    3.ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से

    ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से
    ओह पर सुगा मेड़राए।
    मारबो रे सुगवा धनुख से,
    सुगा गिरे मुरझाए ।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,
    आदित होई ना सहाय ॥
    ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से,
    ओह पर सुगा मेड़राए ।
    मारबो रे सुगवा धनुख से,
    सुगा गिरे मुरझाए ।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,
    आदित होई ना सहाय ॥
    अमरुदवा जे फरेला खबद से,
    ओह पर सुगा मेड़राए ।
    मारबो रे सुगवा धनुख से,
    सुगा गिरे मुरझाए ।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,
    आदित होई ना सहाय ॥
    शरीफवा जे फरेला खबद से,
    ओह पर सुगा मेड़राए ।
    मारबो रे सुगवा धनुख से,
    सुगा गिरे मुरझाए ।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,
    आदित होई ना सहाय ॥
    ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से,
    ओह पर सुगा मेड़राए ।
    मारबो रे सुगवा धनुख से,
    सुगा गिरे मुरझाए ।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,
    आदित होई ना सहाय ॥
    सभे फलवा जे फरेला खबद से,
    ओह पर सुगा मेड़राए ।
    मारबो रे सुगवा धनुख से,
    सुगा गिरे मुरझाए ।
    ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,
    आदित होई ना सहाय ॥

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    4.कबहुँ ना छूटी छठि मइया

    हमनी से बरत तोहार
    हमनी से बरत तोहार
    तहरे भरोसा हमनी के,
    छूटी नाही छठ के त्योहार
    छूटी नाही छठ के त्योहार
    अपने सरन में ही रखिह,
    दिह आसिस हज़ार
    दिह आसिस हज़ार
    गोदिया भराईल छठी मइय्या,
    बाटे राऊर किरपा अपार
    बाटे राऊर किरपा अपार
    चाहें रहब देसवा बिदेसवा,
    छठ करब हम हर बार
    छठ करब हम हर बार
    डूबतो सुरुज के जे पूजे,
    इहे बाटे हमर बिहार
    इहे बाटे हमर बिहार
    फलवा दउरवा सजाके,
    अईनी हम घाट पे तोहार
    अईनी हम घाट पे तोहार
    दिहनी अरघ छठी मईया,
    करीं हमर आरती स्वीकार
    करीं हमर आरती स्वीकार
    कबहुँ ना छूटी छठि मइया,
    हमनी से बरत तोहार
    हमनी से बरत तोहार
    तहरे भरोसा हमनी के,
    छूटी नाही छठ के त्योहार
    छूटी नाही छठ के त्योहार
    छूटी नाही छठ के त्योहार
    छूटी नाही छठ के त्योहार

    5.सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ

    हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार
    सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ
    हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार
    आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ
    आहे भोर भिनसार, आहे भोर भिनसार
    आजू के दिनवा हो दीनानाथ
    हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
    बाट में भेटिए गेल गे अबला
    एकटा अन्हरा पुरुष, एकटा अन्हरा पुरुष
    अंखिया दियेते गे अबला
    हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
    बाट में भेटिए गेल गे अबला
    एकटा बाझिनिया, एकटा बाझिनिया
    बालक दियेते गे अबला
    हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Chhath Puja, Chhath Puja 2021, Religion, धर्म

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