Chhath Puja 2020: नहाय-खाय के साथ कल से शुरू हो रही है छठ पूजा, देखें पूजा सामग्री की लिस्ट

फाइल फोटोः छठ पूजा में पूजा की सामग्री और सूर्य देव को अर्पित किए जाने वाले भोग का काफी महत्व है.
फाइल फोटोः छठ पूजा में पूजा की सामग्री और सूर्य देव को अर्पित किए जाने वाले भोग का काफी महत्व है.

मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा और सावधानी के साथ छठ का व्रत (Chhath Fast) पूरा कर लेता है सूर्य देव (Surya Dev) उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. छठ में सूर्य भगवान की पूजा की जाती है और भोग लगाया जाता है.

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  • Last Updated: November 17, 2020, 10:23 PM IST
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महापर्व छठ (Chhath Puja 2020) का शुभारम्भ इस बार 18 नवंबर से हो रहा है. श्रद्धालू नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत करेंगे. हिंदू धर्म में छठ पूजा/ छठ व्रत का काफी महत्व है. मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा और सावधानी के साथ छठ का व्रत (Fast) पूरा कर लेता है सूर्य देव उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. छठ में सूर्य भगवान (Surya Dev) की पूजा की जाती है और भोग लगाया जाता है. इसके बाद लोग निर्जला उपवास से व्रत की शुरुआत करते हैं. यह व्रत काफी कठिन होता है. साथ ही इस व्रत में कई चीजों में सावधानी और शुद्धता का बहुत ख्याल रखा जाता है नहीं तो व्रत खंडित हो जाता है. छठ पूजा में पूजा की सामग्री और सूर्य देव को अर्पित किए जाने वाले भोग का काफी महत्व है. इसके बिना छठ पूजा अधूरी है. इसलिए आइए पहले ही जान लेते हैं कि छठ पूजा किन किन सामग्रियों के बिना अधूरी है...

छठ पूजा के प्रसाद में ठेकुआ का काफी महत्व है. ठेकुआ को गुड़ और आटे को मिलाकर गोल या अंडाकार आकार में बनाया जाता है. छठ पूजा में छठी मैया को इसी का भोग लगाया जाता है. यही व्रत का मुख्य प्रसाद माना जाता है. केले के घार का भी छठ पूजा में काफी महत्व है. इसे छठ माई को प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाता है. नारियल फोड़कर ही हर पूजा की शुरुआत की जाती है. छठ पूजा में भी पहले छठी मां के सामने नारियल चढ़ाया जाता है और फिर यही प्रसाद के तौर पर भक्तों को बांट दिया जाता है.

छठी माई को डाभ नींबू भी अर्पित किया जाता है. यह दिखने में अन्दर से लाल और बाहर से पीला होता है. मान्यता है कि छठी मैया को खट्टा विशेष प्रिय है. छठ पूजा में गन्ने का भी काफी महत्व है. चीनी की जगह गन्ने का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसमें कोई मिलावट नहीं होती इसलिए मिठास के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.



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ये हैं छठ पूजा की सामग्री-

- अपने लिए नए वस्त्र जैसे सूट, साड़ी और पुरुषों के लिए कुर्ता-पजामा या जो उन्हें सुविधाजनक हो लाकर रख लें.
- छठ पूजा का प्रसाद रखने के लिए बांस की दो बड़ी-बड़ी टोकरियां खरीद लें.
- सूप, ये बांस या फिर पीतल के हो सकते हैं.
- दूध तथा जल के लिए एक ग्लास, एक लोटा और थाली.
- 5 गन्ने, जिसमें पत्ते लगे हों.
- नारियल, जिसमें पानी हो.
- चावल, सिंदूर, दीपक और धूप.
- हल्दी, मूली और अदरक का हरा पौधा.
- शकरकंदी तथा सुथनी.
- पान और साबुत सुपारी
- शहद.
- कुमकुम, चंदन, अगरबत्ती, धूप तथा कपूर.
- मिठाई.
-गुड़, गेहूं और चावल का आटा.
- गुड़ और गेहूं के आटे से बना ठेकुआ छठ पूजा का प्रमुख प्रसाद होता है, इसके बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है.
- प्रसाद के रूप में चावल के आटे से बना लड्डू (जिसे स्थानीय भाषा में कसार कहते हैं) भी चढ़ाया जाता है.
- बांस की टोकरी में पूजा का सामान रखकर पुरुष उसे अपने सिर पर लेकर घाट तक पहुंचाते हैं. पूजा में गन्ना जरूर होना चाहिए, इसकी आवश्यकता अर्घ्य देने के समय पड़ती है.
- पूजा के दौरान इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि कोई भी सामग्री जूठी न हो. साफ सामग्री का इस्तेमाल ही छठ पूजा में करें.
- बड़ा वाला मीठा नींबू (डाभ), शरीफा, केला और नाशपाती. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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