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फर्स्ट एनिवर्सरी पर दीपिका रणवीर पहुंचे वेंकटेश्वर मंदिर, जानें मंदिर के बारे में

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Updated: November 14, 2019, 2:01 PM IST
फर्स्ट एनिवर्सरी पर दीपिका रणवीर पहुंचे वेंकटेश्वर मंदिर, जानें मंदिर के बारे में
जानें वेंकटेश्वर मंदिर मंदिर के बारे में, जहां पहुंचे दीपिका रणवीर

दीपिका पादुकोण रणवीर सिंह सालगिरह (Deepika Padukone Ranveer Singh First Marriage Anniversary): वेंकटेश्वर मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे दीपिका रणवीर, जानें मंदिर के बारे में क्या है ख़ास...

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  • Last Updated: November 14, 2019, 2:01 PM IST
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बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) आज अपनी शादी की पहली सालगिरह पर भगवान का आशीर्वाद लेने तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर (Venkateswara Temple, Tirupati) पहुंचे. मांग में सिन्दूर लगाए, गले में मंगलसूत्र और लाल साड़ी पहने दीपिका और गोल्डन रंग के जरीदार काम वाली व्हाइट शेरवानी शेरवानी पर गुलाबी रंग का अंगवस्त्रम डाले रणवीर सिंह आइडियल कपल लग रहे थे. मंदिर में उन्होंने काफी पोज भी दिए. आइए जानते हैं वेंकटेश्वर मंदिर के बारे में जहां पहुंचकर दीपवीर ने किए भगवान के दर्शन और लिया आशीर्वाद...

वेंकटेश्वर मंदिर:
वेंकटेश्वर मंदिर आन्ध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले के तिरुपति में है. यह मंदिर तिरुमला के सात पहाड़ों में से एक वेंकटाद्रि पर बना हुआ है. यही वजह है कि इसे सात पहाड़ों का मंदिर भी कहा जाता है. बता दें कि यह विष्णु भगवान का मंदिर है.

 वेंकटेश्वर मंदिर
वेंकटेश्वर मंदिर


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मंदिर की स्थापत्यकला (आर्किटेक्चर):
वेंकटेश्वर मंदिर दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चर और वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है. इस मंदिर का निर्माण कई शताब्दियों पहले हुआ था. इस मंदिर की वास्तुशैली इतनी खूबसूरत है कि हर साल यहां लाकों की संख्या में लोग मंदिर को देखने और भगवान् के दर्शन करने के लिए आते हैं. तिरुपति को देश में काफी प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है.इसे भी पढ़ेंः Children's Day: दिल्ली में हैं तो बाल दिवस पर अपने बच्चों का दिन स्पेशल बनाने के लिए इन जगहों पर ले जाएं घुमाने

मंदिर को लेकर मान्यता:
पौराणिक मान्यता के मुताबिक़, माना जाता है कि इस मन्दिर में भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिमा में भगवान विष्णु साक्षात विराजमान हैं और पूरे कलियुग तक यहीं रहेंगे. चोल, होयसल और विजयनगर के राजाओं ने इस मंदिर के निर्माण में मिलकर आर्थिक योगदान दिया है. यह भी मान्यता है कि वेंकट पहाड़ी के स्वामी होने की वजह से ही विष्णु भगवान को ही लोग वेंकटेश्वर कहने लगे. भगवान वेंकटेश्वर, बालाजी, गोविन्दा और श्रीनिवास के नाम भी भी जाने जाते हैं.

कैसे जाएं मंदिर:
तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर चेन्नई से 150 किलोमीटर है और हैदराबाद से 500 किलोमीटर, बेंगलोर से 250 किलोमीटर की दूरी पर है. अगर आप इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जाना चाहते हैं तो जान लें कि मंदिर में दर्शन के लिए बैक से एक विशेष पर्ची कटती है. आप इस पर्ची को देकर ही भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन कर कर उनका आशीर्वाद ले सकते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: November 14, 2019, 1:45 PM IST
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