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Diwali 2019: क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली? जानें यम के नाम दीपदान करने का शुभ समय

News18Hindi
Updated: October 21, 2019, 4:03 PM IST
Diwali 2019: क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली? जानें यम के नाम दीपदान करने का शुभ समय
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है.

दिवाली को दीपों का त्योहार कहा जाता है. इस त्योहार को अंधेरे पर प्रकाश की जीत के तौर पर भी मनाया जाता है. इस दिन हर कोई अपने घरों में और उसके बाहर दीपक जलाता है.

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  • Last Updated: October 21, 2019, 4:03 PM IST
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दिवाली इस साल 27 अक्टूबर को मनाई जाएगी. हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर इसे मनाया जाता है. इस पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ परिवार और दोस्तों संग मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे और उनके आगमन की खुशी में अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था. इस पर्व को असत्य पर सत्य की जीत के तौर पर भी मनाया जाता है.

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दिवाली का महत्व

दिवाली को दीपों का त्योहार कहा जाता है. इस त्योहार को अंधेरे पर प्रकाश की जीत के तौर पर भी मनाया जाता है. इस दिन हर कोई अपने घरों में और उसके बाहर दीपक जलाता है. दिवाली पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है. दिवाली की तैयारियां नवरात्रि के समाप्त होते ही शुरू हो जाती हैं. लोग अपने घरों की अच्छे से सफाई कर उसे सजाते हैं और दिवाली वाले दिन मां लक्ष्मी के आगमन के लिए विधि विधान पूजा करते हैं.

दिवाली की तारीख और पूजा मुहूर्त

  • लक्ष्मी पूजा- (रविवार) 27 अक्टूबर 2019

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  • मुहूर्त- शाम 06:43 बजे से लेकर रात 08:15 बजे तक

  • अवधि- 01 घंटा 32 मिनट

  • प्रदोष काल- शाम 05:41 बजे से लेकर रात 08:15 बजे तक

  • वृषभ काल- शाम 06:43 बजे से लेकर रात 08:39 बजे तक

  • अमावस्या तिथि प्रारम्भ- 27 अक्टूबर 2019 को दोपहर 12:23 बजे

  • अमावस्या तिथि समाप्त- 28 अक्टूबर 2019 को सुबह 09:08 बजे


क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली

बड़ी दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है. यह इस साल 26 अक्टूबर को है. इस दिन रात को घर के बाहर यम की पूजा की जाती है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है. नरक चतुर्दशी पर कई घरों में रात को घर का सबसे बुजुर्ग सदस्य एक दीपक जलाकर पूरे घर में घुमाता है. फिर उस दीपक को ले जाकर घर से बाहर कहीं दूर रख देता है. घर के सभी सदस्य अंदर रहते हैं और इस दीपक को नहीं देखते हैं. यह यम का दीपक कहलाता है.

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छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी के दिन सुबह सूर्य उगने से पहले स्नान करना लाभकारी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो लोग इस दिन स्नान करते हैं उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हो जाती है. साथ ही उनके सौंदर्य में भी वृद्धि होती है. इसके साथ ही शाम के समय यमराज की पूजा करने और उनके समक्ष तेल का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु भी टल जाती है. इस दिन स्नान करने का शुभ मुहूर्त सुबह 4:15 से 5:29 बजे तक है और यम के नाम दीपदान का शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजे से लेकर 7 बजे तक का है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: October 21, 2019, 4:02 PM IST
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