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Diwali 2021 Lakshmi Puja Timing: दिवाली पर मां लक्ष्मी के पूजन का ये है सही समय, पढ़ें डिटेल

Diwali 2021 Lakshmi Puja Timing: दिवाली पर मां लक्ष्मी के पूजन का ये है सही समय, पढ़ें डिटेल

दिवाली पर शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन से विशेष फल प्राप्त होता है.

दिवाली पर शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन से विशेष फल प्राप्त होता है.

Diwali 2021 Lakshmi Puja Timing: दिवाली (Diwali) के दिन मां लक्ष्मी की पूजा (Lakshmi Puja) करने का विधान है. दिवाली के दिन मां लक्ष्मी एवं प्रथम आराध्य भगवान गणेश का पूजन शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से किया जाना चाहिए. पौराणिक कथाओं के अनुसार जब दशरथ नंदन श्रीराम लंका पर विजय प्राप्त कर पहली बार अयोध्या लौटे थे तो उनके वापस लौटने की खुशी में समस्त अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया था और हर घर को दीपक से प्रज्जवलित किया गया था. दिवाली पर सही समय पर मां लक्ष्मी के पूजन से विशेष फल प्राप्त होता है.

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    Diwali 2021 Lakshmi Puja Timing: दिवाली (Diwali) महापर्व पर धन की देवी मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) के विधि-विधान से पूजन करने की परंपरा है. मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) की पूजा करने से साल भर घर में सुख-शांति बनी रहती है एवं जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं रहती है. दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ ही प्रथम आराध्य भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है. दिवाली पर मां लक्ष्मी का पूजन शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से करना विशेष फलदायी माना गया है. इस दिन व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में वहीं आम लोग घरों में लक्ष्मी जी का पूजन करते हैं.

    यह है पौराणिक कथाएं
    दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है. पांच दिन चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है और तीसरे दिन दिवाली सेलिब्रेट की जाती है. इस महापर्व का समापन आखिरी दिन भाई दूज मनाकर की जाती है. दीपोत्सव आखिर क्यों मनाया जाता है इसे लेकर कुछ पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. एक कथा के अनुसार भगवान राम जब लंका में रावण का वध कर वापस अयोध्या लौटे तो उनके स्वागत में पूरी अयोध्या नगरी को दीपो से सजाया गया था. तभी से दिवाली मनाने की परंपरा शुरू हुई.
    वहीं, एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्ट असुर नरकासुर का वध कर उसके बंदीगृह से 16 हजार 100 कन्याओं को मुक्त कराया था. नरकासुर के वध की खुशी में दीपोत्सव की परंपरा शुरू हुई.

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    लक्ष्मी पूजा का ये है सही समय
    दिवाली के दिन लक्ष्मी माता की पूजा करने के लिए विशेष मुहूर्त होता है. इस खास समय में पूजा करने से उसका संपूर्ण फल प्राप्त होता है. पंडितों के अनुसार दिवाली पर व्यापारिक संस्थानों द्वारा स्थिर लग्न में
    लक्ष्मी पूजन करना श्रेष्ठ माना जाता है. घरों में गोधुली बेला में धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा को श्रेष्ठ माना जाता है. गोधुली बेला में वृषभ लग्न के दौरान घरों में किया गया मां लक्ष्मी का पूजन सर्वश्रेष्ठ होता
    है.

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    दीपोत्सव विधि मूहूर्त

    कार्तिक कृष्ण अमावस्या दिनांक 4:11: 2021 गुरुवार

    प्रातः 06.16 – 08.54 शुभ वेला
    दिवा 11.00 – 12.42 चंचल वेला
    दिवा 11.58 – 12.42 अभिजीत वेला
    दिवा 12.21 – 01.30 लाभ वेला
    दिवा 04.28 – 05.50 शुभ वेला

    गोधूलि वेला 05.50 – 08.26

    वृश्चिक लग्न प्रातः 07.50 – 10.06
    कुंभ लग्न दिवा 01.54 – 03.24
    वृषभ लग्न सायं 06.30 – 08.25
    सिंह लग्न रात्रि 12.57 – 03.13

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Diwali, Diwali 2021, Religion

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