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अन्नकूट क्या है, गोवर्धन पूजा के दिन इसका खास महत्त्व क्यों है, जानिए

अन्नकूट क्या है, गोवर्धन पूजा के दिन इसका खास महत्त्व क्यों है, जानिए

गोवर्धन पूजा में भगवान को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है-Image/pinterest

गोवर्धन पूजा में भगवान को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है-Image/pinterest

Annakoot Diwali 2021: गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) में घर के आंगन, छत या बालकनी में गोबर से गोवर्धन बनाए जाते हैं और उनको अन्नकूट (Annakoot) का भोग लगाया जाता है. इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है और गोवर्धन पर्वत को भी पूजा जाता है. गोवर्धन पूजा के दिन अन्नकूट बनाने और भगवान को इसका भोग लगाने का विशेष महत्त्व (Importance) है. इस वर्ष गोवर्धन पूजा के लिए सुबह का शुभ मुहूर्त प्रात: 06 बजकर 36 मिनट से प्रात: 08 बजकर 47 मिनट तक है. तो शाम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 03 बजकर 22 मिनट से शाम 05 बजकर 33 मिनट तक का है.

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    what is Annakoot: दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) करने की परंपरा है. इस बार गोवर्धन पूजा 6 नवम्बर को शुक्रवार के दिन की जाएगी.  इस दिन को अन्नकूट, पड़वा और प्रतिपदा भी कहा जाता है. इस दिन घर के आंगन, छत या बालकनी में गोबर से गोवर्धन बनाए जाते हैं और उनको अन्नकूट (Annakoot) का भोग लगाया जाता है. इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है और गोवर्धन पर्वत को भी पूजा जाता है. गोवर्धन पूजा के दिन  अन्नकूट बनाने और भगवान को इसका भोग लगाने का विशेष महत्त्व (Importance) है. आइये जानते हैं कि ये अन्नकूट क्या है और गोवर्धन पूजा के दिन इसका इतना खास महत्त्व क्यों है.

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    गोवर्धन पूजा करने की वजह

    सबसे पहले आपको गोवर्धन पूजा करने की वजह के बारे में बता देते हैं. मान्यता है कि त्रेतायुग में भगवान श्री कृष्ण के कहने पर बृजवासियों ने भगवान इन्द्र की जगह पर गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी. क्योंकि गायों को चारा गोवर्धन पर्वत से मिलता था और गायें बृजवासियों के जीवन-यापन का जरिया थीं. तब इंद्रदेव ने नाराज होकर मूसलाधार बारिश की थी और भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर बृजवासियों की मदद की थी और उनको पर्वत के नीचे सुरक्षा प्रदान की थी. तब से ही भगवान श्री कृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाये हुए रूप की पूजा की जाती है. जिसके तहत गोवर्धन पर्वत और भगवान श्री कृष्ण दोनों की पूजा होती है.

    क्या है अन्नकूट

    अन्नकूट कई तरह के अन्न और सब्जियों के समूह को कहा जाता है. इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार 21, 51, 101 और 108 सब्ज़ियों को मिलाकर एक तरह की मिक्स सब्ज़ी बनाई जाती है जिसको विशेष तौर पर गोवर्धन पूजा के दिन भगवान को भोग लगाने के लिए बनाया जाता है. इसके साथ ही तरह-तरह के अन्न से तैयार पकवान और मिठाइयों से भी भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने की परम्परा है.

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    गोवर्धन पूजा शुभ मुहूर्त

     गोवर्धन पूजा सुबह और शाम दो समय की जाती है. सुबह में जहां भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की धूप, फल, फूल, खील-खिलौने, मिष्ठान आदि से पूजा-अर्चना और कथा-आरती करते हैं, तो शाम को इनको अन्नकूट का भोग लगाकर आरती की जाती है. इस वर्ष गोवर्धन पूजा के लिए सुबह का शुभ मुहूर्त  प्रात: 06 बजकर 36 मिनट से प्रात: 08 बजकर 47 मिनट तक है. तो शाम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 03 बजकर 22 मिनट से शाम 05 बजकर 33 मिनट तक का है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Diwali, Diwali 2021, Diwali Celebration, Festival, Lifestyle

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