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नवरात्रि २०२०,अष्टमी: आज महागौरी मां की पूजा, कन्या पूजन में रखें यह सावधानी

नवरात्रि अष्टमी को मां महागौरी की पूजा की जाती है

नवरात्रि अष्टमी को मां महागौरी की पूजा की जाती है

नवरात्रि २०२०, नवरात्रि अष्टमी तिथि, Navratri 2020: कुछ लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन भी करते हैं.लेकिन इस बार कन्या पूजा के सावधानी बरतने की जरूरत है.

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    नवरात्रि २०२०, नवरात्रि अष्टमी तिथि, Navratri 2020: आज नवरात्रि का 8वां दिन है. आज मां नव दुर्गा के आठवें रूप मां महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां का यह स्वरुप बेहद ममतामयी है. यह रूप भक्तों का कल्याण कने वाले और उनके दुख, रोग और कष्टों का निवारण करने वाला है. कुछ लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन भी करते हैं.लेकिन इस बार कन्या पूजा के सावधानी बरतने की जरूरत है.

    कन्या पूजन में बरतें सावधानी:
    कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर जगह लॉकडाउन किया गया है. इसलिए इस बार भूलकर भी कन्या पूजन में बाहर से कन्याओं को न्योता ना दें. इसकी जगह आप अपने घर की कन्याओ को भी भोग लगा सकते हैं.

    मां महागौरी का स्वरुप:

    मां महागौरी की पूजा अर्चना करने वाले जातकों का वैवाहिक जीवन भी अच्छा रहता है. यदि जातकों का विवाह नहीं हो रहा है तो उन्हें योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. मां का यह स्वरुप गौर वर्ण का है. इसीलिए उनका नाम महागौरी पड़ा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अष्टमी तिथि के दिन मां महागौरी की आराधना करने वाले जातकों के सभी पाप कट जाते हैं. साथ ही दुःख, गरीबी और कष्ट भी नहीं सताते हैं. जिन जातकों की कुंडली में शुक्र कमजोर होता है उन्हें मां महागौरी की आराधना करनी चाहिए. ऐसा करने से उनका शुक्र मजबूत होता है. महागौरी की उपासना से शादी में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं.

    महागौरी मां मंत्र

    -माहेश्वरी वृष आरूढ़ कौमारी शिखिवाहना .

    -श्वेत रूप धरा देवी ईश्वरी वृष वाहना .

    - ओम देवी महागौर्यै नमः .

    मां महागौरी की आरती:

    जय महागौरी जगत की माया.

    जया उमा भवानी जय महामाया.

    हरिद्वार कनखल के पासा.

    महागौरी तेरा वहां निवासा.

    चंद्रकली और ममता अम्बे.

    जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे.

    भीमा देवी विमला माता.

    कौशिकी देवी जग विख्याता.

    हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा.
    महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा.

    सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया.

    उसी धुएं ने रूप काली बनाया..

    बना धर्म सिंह जो सवारी में आया.

    तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया.

    तभी मां ने महागौरी नाम पाया.

    शरण आनेवाले का संकट मिटाया.

    शनिवार को तेरी पूजा जो करता.

    मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता.

    भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो.

    महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो.

    Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें

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