होम /न्यूज /धर्म /

Durga Puja 2022: दुर्गा पूजा में क्या है पारा और बारिर का मतलब? बंगाल में दोनों की मचती है धूम

Durga Puja 2022: दुर्गा पूजा में क्या है पारा और बारिर का मतलब? बंगाल में दोनों की मचती है धूम

बंगाल में पारा और बारी दो तरह से होती है दुर्गा पूजा.

बंगाल में पारा और बारी दो तरह से होती है दुर्गा पूजा.

शारदीय नवरात्रि यानि दुर्गा पूजा का पर्व देशभर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. लेकिन बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर अलग ही धूम देखने को मिलती है. बंगाल की दुर्गा पूजा इसलिए भी खास होती है क्योंकि यहां दो तरीके से दुर्गा पूजा मनाई जाती है.

अधिक पढ़ें ...
  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

पश्चिम बंगाल में सबसे बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है दुर्गा पूजा.
बंगाल में पारा और बारिर दो तरह से की जाती है मां दुर्गा की आराधना.

Durga Puja 2022: हिंदू धर्म में कई त्योहार होते हैं, जिसे देशभर में बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है. ये त्योहार बिल्कुल किसी उत्सव के समान लगते हैं. लेकिन कुछ त्योहार किसी खास स्थान का प्रमुख त्योहार बन जाते हैं. जैसे दिल्ली की दिवाली, केरल का ओणम और महाराष्ट्र का गणेश उत्सव. लेकिन बात करें दुर्गा पूजा की तो यह बंगाल का प्रमुख त्योहार है. यही कारण है कि बंगाल में दुर्गा पूजा को लोग अलग और खास तरीके से मनाते हैं. यहां दो तरह से दुर्गा पूजा मनाई जाती है. इसे पारा दुर्गा पूजा और बारिर दुर्गा पूजा के नाम से जाना जाता है. दिल्ली के आचार्य गुरमीत सिंह जी से जानते हैं बंगाल में क्यों मनाई जाती है दो तरह की दुर्गा पूजा और क्या है इसका महत्व.

क्या है पारा दुर्गा पूजा
मोहल्ला-टोला को बंगाली भाषा में पारा कहा जाता है. पारा दुर्गा पूजा का मतलब है स्थानीय दुर्गा पूजा या अपने आसपास की दुर्गा पूजा. जोकि आमतौर पर किसी कम्यूनिटी हाट या पंडालों में आयोजित होती है. इसका आयोजन भव्य तरीके से किया जाता है. बड़े-बड़े बांस के पंडाल कई महीने पहले से बनने शुरू हो जाते हैं. रोशनी की जगमगाहट, रंग-बिरंगी लाइटें, साज-सजावट, अनोखे डिजाइन्स और ये थीम बेस्ड भी होते हैं. साथ ही इन जगहों पर मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाती है. दूर-दूर से लोग पारा दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन देखने और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं.

यह भी पढ़ेंः दुर्गा पूजा में क्यों किया जाता है कन्या पूजन, जानें कुमारी पूजा की विधि और कथा

यह भी पढ़ेंः माता दुर्गा के हाथों में हैं कौन-कौन से शस्त्र? जानें किन-किन देवताओं ने किए थे भेंट

बारिर दुर्गा पूजा
बंगाली भाषा में घर को बाड़ी या बारी कहा जाता है. बारिर दुर्गा पूजा का मतलब होता है घरों में होनी वाली दुर्गा पूजा. इस तरह के पूजा आमतौर पर धनी, संपन्न या फिर पुश्तैनी घरों के लोग ही कराते हैं. बारिर दुर्गा पूजा में घर के लोग और रिश्तेदार शामिल होते हैं. जो लोग शहर से बाहर नौकरी या पढ़ाई कर रहे होते हैं, वो भी इसमें शामिल होने के लिए आते हैं. बारिर दुर्गा पूजा में पूरे परिवार के लोग एक साथ मिलते हैं. मां दुर्गा के आशीर्वाद से रिश्ते में मिठास और मजबूती भी आती है.

Tags: Dharma Aastha, Durga Pooja, Navaratri, Navratri

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर