Dusshera 2020: विजयादशमी कल, जानिए पूजा का समय और शुभ मुहूर्त

रावण के दस सिर थे, इसलिए इस दिन को दशहरा कहा जाता है.
रावण के दस सिर थे, इसलिए इस दिन को दशहरा कहा जाता है.

दशहरा (Dussehra) को विजयादशमी (Vijayadashmi) भी कहा जाता है. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार (Festival) है. इस दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 5:06 PM IST
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दशहरा (Dussehra) हिंदुओं के सबसे अहम त्योहारों (Festivals) में से एक है. इसे विजयादशमी (Vijayadashmi) भी कहा जाता है, जो देश में हर्षोल्लास के साथ मनायी जाती है. इस दिन नवरात्रि की समाप्ति भी मानी जाती है. हिन्दू धर्म के विक्रम सम्वत कैलेंडर में दशहरा आश्विन माह की दशमी को आता है. इस साल विजयादशमी रविवार यानी 25 अक्टूबर को मनायी जाएगी. श्री राम ने रावण का वध किया था और उसके दस सिर थे, इसलिए इस दिन को दशहरा कहा जाता है. इसके अलावा मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था इसलिए इसे विजयादशमी कहा जाता है.

पहले के जमाने में विजयादशमी के दिन शस्त्रों की पूजा की जाती थी. हालांकि रियासतकाल के समय ऐसा होता था. रियासतें अब नहीं है, लेकिन शस्त्र पूजन की परम्परा अब भी है. आत्म रक्षा के लिए रखे जाने वाले हथियारों की पूजा इस दिन की जाती है. शुभ कामों का फल मिलने के अलावा शत्रुओं पर विजय पाने के लिए भी शस्त्र पूजा करने की परम्परा है. जानिए दशहरा 2020 (Dussehra 2020) पूजा का समय और शुभ मुहूर्त-

दिन: रविवार, 25 अक्टूबर 2020



विजय मुहूर्त: दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से 2 बजकर 42 मिनट तक
अपराह्न पूजा समय: दोपहर 1 बजकर 12 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक

दशमी तिथि की शुरुआत: सुबह 7 बजकर 41 मिनट, 25 अक्टूबर, 2020

दशमी तिथि की समाप्ति: सुबह 9 बजे, 26 अक्टूबर, 2020

दशहरा की समाप्ति के साथ ही देश भर में चलने वाली रामलीला मंचन की समाप्ति भी हो जाती है. वहां भी रावण का वध करने के बाद रामलीला सम्पन्न करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. रावण पर राम की जीत के कारण ही यह त्योहार मनाया जाता है और रामलीला की अहमियत भी इस दिन सबसे ख़ास होती है. दशहरा त्योहार के साथ ही दीवाली की तैयारियां भी शुरू हो जाती है. दशहरा के बीस दिन बाद दिवाली आती है जिसे दीपों का त्योहार कहा जाता है.
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