Eclipse 2020: जून-जुलाई महीने में एकसाथ तीन ग्रहण, जानिए कब और कैसा होगा ग्रहण

Eclipse 2020: जून-जुलाई महीने में एकसाथ तीन ग्रहण, जानिए कब और कैसा होगा ग्रहण
खगोल विज्ञान की मानें तो चंद्र ग्रहण उस स्थिति में लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं.

30 दिनों के अंतराल में तीन ग्रहण (Eclipse) लगेगें जिसमें दो चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) होंगे और एक सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse).

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Solar Eclipse And Lunar Eclipse 2020: जून (June) और जुलाई (July) का महीना खगोलीय घटनाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन दोनों महीनों में होने वाली खगोलीय घटनाओं पर दुनिया भर के वैज्ञानिकों और ज्योतिष शास्त्र के विद्वानों की नजरें लगी हुई हैं क्योंकि इन ग्रहणों का भारी असर देखा जाएगा. 30 दिनों के अंतराल में तीन ग्रहण (Eclipse) लगेगें जिसमें दो चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) होंगे और एक सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse). अमर उजाला में छपी खबर के अनुसार 5 जून को चंद्रग्रहण फिर 21 जून को सूर्यग्रहण लगेगा. इसके बाद 5 जुलाई को फिर चंद्रग्रहण होगा. चंद्रग्रहण 5 जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन होगा जबकि 21 जून को सूर्य ग्रहण आषाढ़ माह की अमावस्या पर होगा और 5 जुलाई को चंद्रग्रहण आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा.

5 जून और 5 जुलाई को चंद्रग्रहण
5 जून को लगने वाला चंद्रग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में दिखाई देगा. रात के 11 बजकर 16 मिनट से ग्रहण शुरू हो जाएगा जो अगले दिन यानी 6 जून की सुबह 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. 12 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा. इस चंद्रग्रहण की कुल अवधि 3 धंटे 15 मिनट की होगी. इसके बाद 5 जुलाई को भी चंद्रग्रहण लगेगा लेकिन ये दोनों ग्रहण मांद्य ग्रहण हो जिस कारण से इनका किसी भी राशि पर कोई असर नहीं होगा.

21 जून-सूर्य ग्रहण
5 जून को चंद्रग्रहण लगने के बाद 21 जून को खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा. भारत के अलावा यह सूर्यग्रहण एशिया, अफ्रिका और यूरोप में दिखाई देगा. यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगेगा. ग्रहण सुबह 10 बजकर 14 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात 10 बजकर 14 मिनट से आरंभ हो जाएगा.



ग्रहण का फल
ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के समय मंगल ग्रह मीन में गोचर होकर सूर्य, बुध, चंद्रमा और राहु को देखेंगे जिसके परिणाम शुभ नहीं माने जा रहे हैं. वहीं ग्रहण के समय शनि, गुरु, शुक्र और बुध वक्री स्थिति में होंगे. राहु और केतु की चाल उल्टी ही रहती है. ऐसी स्थिति में 6 ग्रह वक्री होने से दुनिया भर में हलचल की स्थिति बन रही है. सीमा विवाद और आपसी तनाव की स्थिति बन रही है. प्राकृतिक आपदाओं के लिए भी यह स्थिति शुभ नहीं है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून अर्थात आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा. मिथुन राशि पर सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
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