Eid Milad-un-Nabi 2020: ईद-ए-मिलाद-उन-नबी कब है? जानें महत्व और इतिहास

ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का महत्व जानें
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का महत्व जानें

Eid Milad-un-Nabi 2020 Date And Timing: ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब (Prophet Hazrat Muhammad) के जन्‍मदिन की खुशी में मनाते हैं. इस दिन इबादत, दुआओं का सिलसिला रात भर जारी रहता है और जुलूस निकाले जाते हैं...

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  • Last Updated: October 29, 2020, 6:44 PM IST
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Eid Milad-un-Nabi 2020 Date And Timing: ईद-ए-मिलाद-उन-नबी को इस्लाम के आखिरी पैगंबर की जयंती के रूप में मनाया जाता है. यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर में तीसरे महीने रबी अल-अव्वल के दौरान मनाया जाता है. भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और उपमहाद्वीप के अन्य हिस्सों में रबी अल-अव्वल के महीने की शुरुआत के लिए चांद इस साल 18 अक्टूबर को देखा गया था.

मुसलमानों के सभी समुदाय के लोग इस दिन को मनाते हैं. वे इसे रबी अल-अव्वल के बारहवें दिन मनाते हैं. इस साल ईद-ए-मिलाद 29 अक्टूबर को सऊदी अरब में और 30 अक्टूबर को भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और दक्षिण एशियाई क्षेत्र के अन्य हिस्सों में मनाया जाएगा. यह उत्सव 29 अक्टूबर को शुरू होगा और 30 अक्टूबर की शाम तक जारी रहेगा.

पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन को मनाने का विचार मध्य पूर्व से इस्लाम के प्रारंभिक रशीदुन खलीफाओं से पैदा हुआ. यह फ़ातिमिड्स थे जिन्होंने इस दिन को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के रूप में मार्क करने का फैसला किया था. कुछ मुसलमानों का यह मानना ​​है कि पैगंबर मुहम्मद का जन्म मक्का में रबी अल-अव्वल के बारहवें दिन 570 ईस्वी में हुआ था.



हालांकि शब्द "मावलिद" का अर्थ अरबी में बच्चे को जन्म देना या सहन करना है क्योंकि इसे पैगंबर की वफ़ात माना जाता है. ईद-ए-मिलाद को आधिकारिक उत्सव के रूप में मनाने वाला पहला देश मिस्र था, यह ग्यारहवीं शताब्दी के दौरान लोकप्रिय हुआ.
इस दिन लोग पैगंबर के जीवन और उनकी शिक्षाओं, पीड़ाओं को याद करते हैं, क्योंकि पैगंबर साहब दरियादिल  इंसान थे, उन्होंने अपने दुश्मनों तक को माफ़ कर दिया था.  (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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