फाल्गुन अमावस्या के दिन करें पितरों का तर्पण, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि

फाल्गुन अमावस्या के दिन धार्मिक स्थलों पर स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है.
फाल्गुन अमावस्या के दिन धार्मिक स्थलों पर स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है.

फाल्गुन अमावस्या (Falgun amavasya 2020) हिंदू वर्ष की आखिरी अमावस्या मानी जाती है. महाशिवरात्रि के बाद पड़ने के कारण फाल्गुन अमावस्या (Falgun amavasya 2020) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2020, 2:27 PM IST
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फाल्गुन माह में पड़ने वाली अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या (Falgun amavasya 2020) कहा जाता है. फाल्गुन अमावस्या (Falgun amavasya 2020) हिंदू वर्ष की आखिरी अमावस्या मानी जाती है. महाशिवरात्रि के बाद पड़ने के कारण फाल्गुन अमावस्या (Falgun amavasya 2020) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन हिंदू धर्म के लोग अपने पितरों की तृप्ति के लिए दान, पुण्य, पूजा-पाठ और प्रार्थना करते हैं. इस बार फाल्गुन अमावस्या 23 फरवरी को पड़ रही है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार फाल्गुन अमावस्या की तिथि 22 फरवरी शाम 7:04:19 बजे से 23 फरवरी रात 9:03:12 बजे तक है.

फाल्गुन अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना शुभ माना जाता है.
फाल्गुन अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना शुभ माना जाता है.


धार्मिक स्थलों पर स्नान करना है शुभ



फाल्गुन अमावस्या के दिन धार्मिक स्थलों पर स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्माएं पितृ लोक में अस्थाई तौर पर निवास करती हैं. इस दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों और पीड़ाओं को सहना पड़ता है, क्योंकि आत्माएं स्वयं कुछ भी करने में असमर्थ होती हैं. इसलिए इस दिन धार्मिक स्थान पर स्नान करने के बाद पूजन करके पितरों का तर्पण करना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि फाल्गुन अमावस्या को दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए. पितरों की शांति के लिए किए जाने वाले दान, तर्पण, श्राद्ध आदि के लिए यह दिन बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है.
फाल्गुन अमावस्या के दिन नहीं करने चाहिए ये काम

- फाल्गुन अमावस्या के दिन ज्यादा देर तक नहीं सोना चाहिए. इस दिन सूर्य उदय से पहले स्नान आदि करके पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए.

- फाल्गुन अमावस्या के दिन जो लोग धार्मिक स्थान पर स्नान नहीं कर सकते, उन्हें घर में ही पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए.

- इस दिन घर पर भिक्षा मांगने आए किसी भी शख्स को खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए. फाल्गुन अमावस्या का दिन पितरों के तर्पण का होता है, इसलिए इस दिन दान जरूर करना चाहिए. -

- मान्यताओं के अनुसार, पुरुष और महिलाओं को पूर्णतः ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

- अमावस्या के दिन गुस्से पर नियंत्रण रखना चाहिए. इस दिन मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.

 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
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