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Ganesh Chaturthi 2021: गणेश महोत्सव में ‘गण-नायक’ से सीखें लीडरशिप, जानें जीवन जीने के ये 9 तरीके

Ganesh Chaturthi 2021: गणेश महोत्सव में ‘गण-नायक’ से सीखें लीडरशिप, जानें जीवन जीने के ये 9 तरीके

भगवान गणेश को बुद्धि और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है. Image Credit : Pixabay

भगवान गणेश को बुद्धि और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है. Image Credit : Pixabay

Ganesh Chaturthi 2021: कोरोना (Corona) महामारी के दौर में हमारे जीवन (Life) में कई उथल पुथल की स्थितियां आईं. ऐसे में जीवन के हर जंग को बुद्धी से जीतने की कला हम गण नायक श्री गणेश (Lord Ganesh) से सीख सकते हैं.

    Ganesh Mahotsav 2021 Learn Leadership From Gana Nayak : हिंदू धर्म में हर पूजा पाठ की शुरुआत श्री गणेश (Ganesh) की पूजा के साथ की जाती है. उन्‍हें शुभता और नई शुरुआत का देवता (God) माना जाता है. किसी भी नए काम की शुरुआत भी हम श्री गणेश को याद कर करते हैं. माना जाता है कि अगर किसी भी काम को शुरु करने से पहले उनका आशीर्वाद मिल जाए तो सभी बाधाएं समाप्‍त हो जाती हैं और किसी भी चीज को पाने का मार्ग बाधाओं से मुक्‍त हो जाता है.  उनसे जुड़ी कई कहानियां और किवदंतियां है जो यह दर्शाती है कि किस प्रकार कठिन परिस्थितियों में भी वे अपनी बुद्धि, ज्ञान और संतुलित आचरण की मदद से हर समाधान खोजते हैं और कार्य पूरा करते हैं. ऐसे में अगर हम धार्मिक भाव के अलावा सांसारिक भाव से भी उनसे प्रेरणा लें तो हमें जीवन के कठिन दौर में जीतना (Leadership) और चुनौतियों का बेहतर तरीके से समाधान आ सकता है. तो आइए जानते हैं कि हमें गणनायक से क्‍या सीख लेनी चाहिए.

    1.गण नायक यानी लीडरशिप

    ‘गणेश’ का मतलब होता है गणों का नेता (नायक) . इस गुण में उनका साथ देता है उनकी विनम्रता और ग्रहणशीलता. इन्‍हीं दो गुणों की वजह से वे ‘प्रथम पूज्य’ देवता माने गए हैं.

    2.हाथी का मुख यानी सुनने की क्षमता

    गणेश का माथा हाथी के मुख का है. वे ऐसे देवता हैं जिनका बड़ा कान है और जो बिना किसी पूर्वाग्रह के सभी की बातें और प्रार्थना सुनते हैं. हमें भी अपने जीवन में इस गुण का शामिल करना चाहिए. किसी की मदद पूर्वाग्रह के बिना करनी चाहिए.

    3.बड़ा सिर यानी विचारशील

    गणेश का सिर बड़ा है. यह प्रतीक है कि वे अत्‍यंत जागरूक, ध्यान, विचारशील, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्थिर हैं. ऐसे में में एक बेहतर लीडर होने के लिए ये सारे गुण हमें अपने भीतर भी लाने की जरूरत होती है.

    4.चार हाथ यानी विभिन्न दृष्टिकोणों के लिए खुलापन

    गणेया के चार हाथ हैं. उनके चार हाथ चार पुरुषार्थ का प्रतीक है. चार पुरुषार्थ यानी कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष. अर्थात कोई भी निर्णय लेने से पूर्व उसका नैतिकता, अर्थव्यवस्था, भौतिक लाभों के दृष्टिकोण से विश्लेषण करना और साथ ही दीर्घकालिक आध्यात्मिक और सामाजिक लाभ का अनुमान लगाना बहुत ही जरूरी है.
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    5.बुद्धि और विनम्रता के प्रतीक हैं गणेश

    भगवान गणेश को बुद्धि और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है. फिर चाहे माता-पिता के चारों ओर चक्कर लगाना हो या कुबेर को धन के साथ आने वाली जिम्मेदारी का एहसास कराना.  गणेश हर बार अपनी विनम्रता और बुद्धि का अनुकरण करते हैं और जीत हासिल करते हैं. यह हम सभी के लिए एक बहुत बड़ा पाठ है.

    6.सूंड यानी लचीलापन

    गणेश की सूंड यह सीख देती है कि संसाधनों या समय की कमी से निपटने के लिए अनुकूलनशीलता और लचीलापन जरूरी है.

    7.कुल्‍हाड़ी यानी विश्‍लेषण

    गणेश के एक हाथ में कुल्हाड़ी  जो यह बताता है कि जटिल बाधाओं और समस्याओं का विश्लेषण करना बहुत ही जरूरी है.

    8.पाश यानी संश्लेषण

    गणेश के एक हाथ में पाश है जो प्रतीक है कि वे कार्य पूर्ण करने की योजना के लिए सभी समाधानों को संश्लेषित करना और बांधना जरूरी है.
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    9.गन्‍ना यानी नवाचार

    उनके हाथों में एक गन्ना भी है जो नवाचार यानि इनोवेशन को दर्शाता है. यह प्रतीक है कि एक खराब या नकारात्मक स्थिति को हम एक मधुर अवसर में बदल सकते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Ganesh Chaturthi, Ganesh Chaturthi 2021, Ganesh Chaturthi Celebrations, Lifestyle

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