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Ganesh Visarjan: आज अनंत चतुर्दशी पर इस शुभ समय पर दें बप्पा को विदाई

हो सके तो भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन घर में ही कर देना चाहिए.

हो सके तो भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन घर में ही कर देना चाहिए.

Ganesh Visarjan: 10 दिन रहने के बाद आज के दिन कोरोना के नियमों का पालन करते हुए नाचते गाते बप्पा का विसर्जन किया जा रहा है.

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    (रत्नेश मिश्रा)

    Ganesh Visarjan: गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर विराजे गणपति बप्पा को विदाई देने का समय आ गया है. आज गणेश महोत्सव के अंतिम दिन (Last day) गणपति विसर्जन (Ganpati Visarjan) पर बप्पा को विदाई दी जाएगी. इस तिथि को हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है. अभी तक तो लोगों ने अपनी श्रद्धानुसार अलग-अलग दिनों में गणपति का विसर्जन किया था लेकिन आज गणेश महोत्सव के समापन पर उन सभी लोगों को गणेश विसर्जन करना होगा, जिन्होंने गणपति बप्पा को विराजमान किया था. वैसे तो आज के दिन तिथि देख कर लोग गणेश विसर्जन किसी भी समय पर कर देते हैं लेकिन परंपरा के अनुसार गणपति जी का विसर्जन शुभ मुहूर्त में विधि पूर्वक करना चाहिए. राहु काल में विसर्जन वर्जित माना गया है. आइये जानते हैं कि गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त क्या है और विसर्जन करते समय किन बातों का ख्याल रखने की ज़रूरत है.

    10 दिन रहने के बाद आज के दिन कोरोना के नियमों का पालन करते हुए नाचते गाते बप्पा का विसर्जन किया जा रहा है. गणपति बाप्पा को अगले बरस तू जल्दी यह कहकर विदा कर दिया जाता है, हालांकि कोविड के नियमों के चलते इस साल बिना भीड़ के विसर्जन जुलूस निकाला जा रहा है. गणेशोत्सव के अंतिम दिन में भगवान गणेश की मूर्तियों को जल में विसर्जित किया जाता है. चतुर्थी के दिन घर-घर में प्रिय गणपति बप्पा की पूजा की जाती है. विसर्जन के 1 दिन पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की मूर्तियों को गाने बाजे के साथ सही समय पर विसर्जन किया जाता है. कहीं गणपति की पूजा डेढ़ दिन, पांच दिन तो कहीं सात दिन तक की जाती है. तो कई जगहों पर पूरे 10 दिन गणपति की सेवा करने के बाद अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा को विदा करते हैं.

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    वैसे तो समुद्र, नदी, सरोवर, कुंड में गणपति विसर्जन किया जाता है लेकिन कोरोना के प्रकोप को देखते हुए विसर्जन जुलूस में इस साल भी भीड़ से बचने की अपील की जा रही है. इसलिए प्रशासन ने कहा है कि सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हो सके तो भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन घर में ही कर देना चाहिए, सार्वजनिक गणेश मंडलों को भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इस साल गणपति विसर्जन के 5 शुभ मुहूर्त हैं- 19 सितंबर सुबह 7.40 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक, दोपहर में 1:46 बजे से 03:18 बजे तक शाम को 6:21 बजे से रात 10:46 बजे तक का विसर्जन को लेकर शुभ मुहूर्त है. 20 सितंबर को तड़के 04:40 बजे से सुबह 06:08 बजे तक विसर्जन का शुभ मुहूर्त है.

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