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Ganga Saptami 2022: कब है गंगा सप्तमी, जानें पूजा का समय और मुहूर्त

गंगा सप्तमी के दिन दान-पुण्य का विधान भी होता है.

गंगा सप्तमी के दिन दान-पुण्य का विधान भी होता है.

जन्म से लेकर मृत्यु तक हर शुभ काम में गंगा जल (Ganga Jal) का उपयोग किया जाता है. मां गंगा को मोक्ष प्रदान करने वाली माना जाता है. सप्तमी के दिन दान पुण्य भी किया जाता है इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां गंगा की पूजा अर्चना की जाए तो अशुभ ग्रहों के प्रभाव से भी छुटकारा मिलता है.

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Ganga Saptami 2022 : हिंदू धर्म में प्रकृति को सर्वोपरी मानकर हर जीव-जंतु की रक्षा के लिए आस्था देखने को मिलती है. इन सभी की रक्षा के लिए धार्मिक पुराणों में भी ऐसे ही कई उपाय हैं जो प्रकृति के संरक्षण में होते हैं. फिर चाहे वो  पशु-पक्षी हों या फिर नदियां, सभी को काफी महत्व है. इसी क्रम में गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) भी हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण तिथि मानी गई है. इस दिन दान-पुण्य का विधान भी है. मान्यता के अनुसार ऐसा करने से मनुष्य के अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम हो जाता है.

गंगा जल से स्नान करने पर मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं. हमें भोपाल के रहने वाले ज्योतिष पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि गंगा सप्तमी का शुभ मुहूर्त क्या है, आइए जानते हैं.

गंगा सप्तमी 2022 की तिथि
गंगा सप्तमी हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 07 मई शनिवार को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट से हो रही है. इस तिथि का समापन अगले दिन रविवार यानी 08 मई 2022 को शाम 05:00 बजे होगा. वैशाख शुक्ल सप्तमी की उदयातिथि 08 मई को प्राप्त हो रही है, इसलिए गंगा सप्तमी 08 मई को मनाई जाएगी.

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गंगा सप्तमी 2022 का पूजा मुहूर्त
गंगा सप्तमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 08 मई को सुबह 10 बजकर 57 मिनट से दोपहर 02 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. यह मुहूर्त 02 घंटे 41 मिनट का रहेगा.

गंगा सप्तमी 2022 पर दान-पुण्य का महत्व
गंगा सप्तमी के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से भक्तों के पाप कर्मों का नाश होता है. यदि गंगा नदी में स्नान करना संभव नहीं हो तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिला कर स्नान किया जा सकता है. ये भी मान्यता है कि इस दिन माता गंगा के पवित्र जल के छींटे मारने भर से सारे पापों का अंत हो जाता है.

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गंगा सप्तमी 2022 पर स्नान का महत्व
गंगा सप्तमी के पावन पर्व पर रोगी को गंगा स्नान कराया जाए तो उसके रोगों का क्षय होता है और उसे मां गंगा स्वस्थ होने का वरदान देती हैं

Tags: Dharma Aastha, Ganga river, Religion

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