Ganpati Visarjan 2019: जानिए गणपति विसर्जन का मुहूर्त और सटीक विधि

गणपति विसर्जन. जानें मुहूर्त तिथि और नियम

गणपति विसर्जन. जानें मुहूर्त तिथि और नियम

Ganpati Visarjan 2019: हर साल गणेश चतुर्थी के दिन भक्त अपने घरों में गणपति बैठाते हैं और अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदा देते हैं और अगले साल जल्द ही उनके वापस आने की कामना भी करते हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2019, 6:14 AM IST
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'गणपति बाप्पा मोरया, अबके बरस तू जल्दी आ' इसी वाक्य के साथ जब भक्त गणपति विसर्जन करते हैं तो हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं. हर साल गणेश चतुर्थी के दिन भक्त अपने घरों में गणपति बैठाते हैं और अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदा देते हैं. गणेश चतुर्थी यानी कि गणेश दिन का जन्मदिन. भक्त पूरे 10 दिन तक इस उत्सव का जश्न मनाते हैं. गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक यानी कि पूरे 10 दिन तक लोग गणपति बैठाते हैं इस दौरान लगातार गहर में विधिवत पूजा पाठ चलता है. लेकिन कई लोग वक्त की कमी के चलते कई बार डेढ़ दिन, चार दिन, 5 दिन या 7 वें दिन भी गणपति का विसर्जन कर देते हैं जबकि गणपति विसर्जन का उपयुक्त समय स्थापना के 11 वें दिन होता है. कुछ लोग विसर्जन कर चुके हैं और कुछ करने वाले हैं. आइए जानते हैं गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त और नियम.



गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त:

अनंत चतुर्दशी के दिन ही गणेश जी का विसर्जन किया जाता है. इस बार 12 सितंबर गुरुवार के दिन अनंत चतुर्दशी है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन को शुभ माना गया है और इस दिन किसी भी समय प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकता है. लेकिन विद्वानों के अनुसार, इस बार सुबह 6 से 7 बजे और दोपहर 1:30 से 3 बजे तक का समय प्रतिमा विसर्जन के लिए ठीक नहीं है. इसके अलावा आप किसी भी समय विसर्जन कर सकते हैं.



गणपति विसर्जन के नियम:
गणपति विसर्जन से पहले विधिवत पूजा पाठ करें और बाप्पा को मोदक का भोग लगाएं. इसके बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाएं.





अब एक रेशमी कपड़े में मोदक, थोड़े पैसे, दूर्वा घास और सुपारी रखकर उसमें गांठ बांध दें और यह पोटली बाप्पा के साथ बांध दें.



सब लोग मिलकर गणेश जी की आरती गाएं और 'गणपति बाप्पा मोरया' के जयकारे लगाएं. इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन बाप्पा से क्षमा प्रार्थना करें कि इस दौरान अगर आपसे कोई गलती हो गयी तो तो बाप्पा उसे क्षमा करें. अब किसी पवित्र जलाशय में पूजा की सभी सामग्री के साथ गणपति का विसर्जन करें.



Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
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