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Gita Jayanti 2021: आज है गीता जयंती, जब भगवान श्रीकृष्ण ने दिया जीवन का मूल मंत्र

Gita Jayanti 2021: आज है गीता जयंती, जब भगवान श्रीकृष्ण ने दिया जीवन का मूल मंत्र

भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में दिया था गीता का उपदेश

भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में दिया था गीता का उपदेश

Gita Jayanti 2021: महाभारत में जब कौरव पांडवों से छल करते हैं और उन्हें उनका हिस्सा नहीं देते, तो शुरु होता है महाभारत का युद्ध. कुरुक्षेत्र में एक तरफ कौरव और दूसरी ओर पांडव. लेकिन अपने भाइयों, गुरुजनों, पितामह आदि को देखकर अर्जुन (Arjun) गांडीव उठाने का साहस नहीं कर पाते. तब भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) उनको अपने विराट स्वरुप से परिचित कराते हैं और पूरी सृष्टि को गीता का अनमोल ज्ञान देते हैं.

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    Gita Jayanti 2021: महाभारत में जब कौरव पांडवों से छल करते हैं और उन्हें उनका हिस्सा नहीं देते, तो शुरु होता है महाभारत का युद्ध. कुरुक्षेत्र में एक तरफ कौरव और दूसरी ओर पांडव. लेकिन अपने भाइयों, गुरुजनों, पितामह आदि को देखकर अर्जुन (Arjun) गांडीव उठाने का साहस नहीं कर पाते. तब भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) उनको अपने विराट स्वरुप से परिचित कराते हैं और पूरी सृष्टि को गीता का अनमोल ज्ञान देते हैं. हिंदू कैलेंडर के अुनसार, उस दिन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि ​थी. इस वजह से हर साल इस तिथि को गीता जयंती मनाई जाती है और गीता के अनमोल ज्ञान को जीवन में उतारने का प्रयास किया जाता है. आइए जानते हैं कि इस साल गीता जयंती कब है और इसकी सही तिथि क्या है?

    गीता जयंती 2021 तिथि
    पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 13 दिसंबर दिन सोमवार को रात 09 बजकर 32 मिनट पर हुआ है. आज 14 दिसंबर दिन मंगलवार को रात 11 बजकर 35 मिनट तक एकादशी तिथि मान्य होगी. ऐसे में इस वर्ष गीता जयंती आज 14 दिसंबर को मनाई जाएगी.

    गीता जयंती को मोक्षदा एकादशी
    गीता जयंती के दिन ही मोक्षदा दकादशी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और मोक्षदा दकादशी व्रत की कथा का श्रवण किया जाता है. इसके पुण्य फल से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस वर्ष मोक्षदा एकादशी को सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है.

    भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से मनुष्यों को अपने कर्मों के प्रति जागरुक किया है. गीता में कुल 16 अध्याय हैं, जिनमें कर्म, भक्ति और ज्ञान योग के बारे में विस्तार से बताया गया है. श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को माध्यम बनाकर मनुष्यों को एक श्रेष्ठ जीवन जीने का मार्ग बताया है. वर्तमान में जीना और बिना फल के कर्म करना ही व्यक्ति के वश में है. आत्मा अमर है, शरीर नश्वर है. शरीर से मोह मत रखो, आत्मा को शुद्ध कर मोक्ष का ध्येय रखो. जैसे अनेकों मूल्यवान उपदेश गीता में निहित हैं.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Dharma Aastha, Lord krishna, Spirituality

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