Govardhan Puja/Annakoot 2020: आज है गोवर्धन पूजा, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

पूरे विधि विधान से गोवर्धन पूजा की जाए तो भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्‍त होती है.
पूरे विधि विधान से गोवर्धन पूजा की जाए तो भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्‍त होती है.

Govardhan Puja/Annakoot 2020: गोवर्धन पूजा या अन्नकूट उत्सव (Annakoot Utsav 2020) दिवाली (Diwali) के अगले दिन मनाया जाता है. इस पर्व पर भगवान श्री कृष्‍ण के गोवर्धन स्‍वरूप की पूजा की जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 15, 2020, 8:22 AM IST
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Govardhan Puja/Annakoot 2020: गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2020) या अन्नकूट उत्सव (Annakoot Utsav 2020) दिवाली (Diwali 2020) के अगले दिन मनाया जाता है. गोवर्धन पर्वत या गिरिराज पर्वत को भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली से ऊपर उठाकर भारी बारिश से बृजवासियों के प्राणों की रक्षा की थी. तभी से गोवर्धन पूजा शुरू की जाने लगी. भगवान श्री कृष्ण ने ही गोवर्धन पूजा करने के लिए कहा था. गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन सुबह जल्दी की जाती है.

दिवाली के अगले दिन होती है गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाए जाने की परंपरा रही है. गोवर्धन पूजा यानी अन्नकूट को दिवाली के अगले दिन मनाते हैं. 14 नवंबर को दिवाली मनाई गई. आज 15 नवंबर को गोवर्धन पूजा है.

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
इस पर्व पर भगवान श्री कृष्‍ण के गोवर्धन स्‍वरूप की पूजा की जाती है. उन्‍हें 56 भोग और अन्‍नकूट का प्रसाद चढ़ाए जाने की परंपरा है. इस बार कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि 15 नवंबर, सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर शुरू हो रही है. यह 16 नवंबर की सुबह 07 बजकर, 5 मिनट तक रहेगी. गोवर्धन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 3 बजकर, 19 मिनट से शाम 5 बजकर, 26 मिनट तक रहेगा.



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गोर्वधन पूजा की विधि
मान्‍यता है कि अगर इस दिन पूरे विधि विधान से भगवान गोवर्धन की पूजा की जाए तो भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्‍त होती है. इसलिए गोर्वधन पूजा करने के लिए इसकी विधि अच्‍छी तरह समझना बहुत जरूरी है. इसके लिए सबसे पहले गाय के गोबर से चौक और पर्वत बनाएं. इसके बाद इसे अच्छी तरह सुंदर फूलों से सजाएं. अब रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर रखें और दीप जलाकर भगवान गोवर्धन की पूजा करें. जब पूजा संपन्‍न हो जाए तो भगवान गोवर्धन की सात बार परिक्रमा जरूर करें.

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इस दौरान ध्‍यान रखें कि आपके हाथों में जल जरूर होना चाहिए. जल को किसी लोटे में लेकर इस तरह परिक्रमा करते रहें कि जल थोड़ा-थोड़ा गिरता जाए. गोवर्धन पूजा जब संपन्‍न हो जाए तो अन्‍नकूट का प्रसाद चढ़ाएं. इसे घर के सभी लोगों को दें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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