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Gupt Navratri 2020: सैंकड़ों साल गुप्त नवरात्रि के लिए बन रहा है यह दुर्लभ संयोग, ऐसा बन रहा है ग्रहों का योग

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Updated: January 24, 2020, 2:00 PM IST
Gupt Navratri 2020: सैंकड़ों साल गुप्त नवरात्रि के लिए बन रहा है यह दुर्लभ संयोग, ऐसा बन रहा है ग्रहों का योग
सैकड़ों सालों बाद गुप्त नवरात्रि पर अद्भुत योग बन रहा है

गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri 2020): गुप्त नवरात्रि शुरू होते के साथ ही ग्रहों का काफी दुर्लभ संयोग बन रहा है. 175 बाद ऐसा हो रहा है जब मकर राशि में शनि, सूर्य और बुध, तीनों ग्रह रहेंगे.

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  • Last Updated: January 24, 2020, 2:00 PM IST
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गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri 2020): गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri 2020)  की शुरुआत कल यानी कि 25 जनवरी शनिवार से हो रही है. हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, माघ मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा में हर साल गुप्त नवरात्रि लगती है. गुप्त नवरात्रि के दिन तांत्रिक और साधक गुप्त रूप से साधना करते हैं ताकि वो कई तरह की तांत्रिक शक्तियां हासिल कर सकें. साल में पूरे चार नवरात्रि होती हैं. पहली नवरात्रि माघ मास में पड़ती है, दूसरी नवरात्रि चैत्र मास में पड़ती है. तीसरी नवरात्रि अषाढ़ माह में होती है और चौथी नवरात्रि अश्विन माह में पड़ती है. अलग अलग नवरात्रि का धार्मिक महत्व भी अलग अलग है. गुप्त नवरात्रि साल में दो बार पड़ती है- पहली बार माघ मास में और दूसरी बार अषाढ़ मास में. इस बार गुप्त नवरात्रि शुरू होते के साथ ही ग्रहों का काफी दुर्लभ संयोग बन रहा है. 175 बाद ऐसा हो रहा है जब मकर राशि में शनि, सूर्य और बुध, तीनों ग्रह रहेंगे.

गुप्त नवरात्रि के बारे में ख़ास बातें
गुप्त नवरात्रि के बारे में ख़ास बातें


आज 24 जनवरी को शनि का गोचर लग चुका है. शनि आज अपनी स्वराशि मकर में प्रवेश कर गया है. आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि का क्या है महत्व और क्या है इसके बारे में ख़ास बातें...

साधक और तांत्रिकों के लिए है गुप्त नवरात्रि:

गुप्त नवरात्रि साधकों और तांत्रिकों के लिए विशेष महत्व रखने वाली है. इस दिन तांत्रिक और साधक मां के 10 स्वरूपों जिन्हें कि महाविद्या भी कहा जाता है, की साधना करते हैं ताकि गुप्त शक्तियां प्राप्त कर सकें. गुप्त नवरात्रि में महाविद्या के जिन स्वरूपों की पूजा की जाती है उनके नाम हैं- मां काली, तारा देवी, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, और कमला देवी.

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एक दिन पहले लगा शनि का गोचर:गुप्त नवरात्रि से बिलकुल एक दिन पहले शनि का गोचर लगा है. इसमें शनि अपनी स्वराशि मकर में प्रवेश कर गए हैं. इससे पहले शनि धनु राशि में थे. मंगल भी अपनी राशि वृश्चिक में रहेगा. गुरु पहले से ही अपनी स्वराशि धनु में स्थित है. इस वजह से इस अद्भुत संयोग में एक साथ चारों ग्रह शनि, चंद्र, सूर्य और बुध मकर राशि में रहने वाले हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: January 24, 2020, 1:56 PM IST
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