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बृहस्पतिवार व्रत कथा सुनने से होते हैं ये 4 लाभ, घर में आती है सुख-शांति

बृहस्पति ग्रह का भगवान विष्णु से संबंध माना गया है.

बृहस्पति ग्रह का भगवान विष्णु से संबंध माना गया है.

कुंडली में बृहस्पतिवार दोष हो या फिर विवाह में बाधा आ रही हो, बृहस्पतिवार व्रत कथा से जीवन में आ रहे सभी तरह के संकट दू ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

बृहस्पति ग्रह का भगवान विष्णु से संबंध माना गया है.
बृहस्पतिवार व्रत कथा सुनने से सभी दुख दूर होते हैं.
ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पतिवार व्रत कथा का महत्व बताया है.

Brihaspati Vrat Katha: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवग्रहों में बृहस्पति ग्रह का विशेष महत्व है. बृहस्पति ग्रह सुख, वैभव, धन, वैवाहिक जीवन, संतान का प्रतीक है. बृहस्पति ग्रह का भगवान विष्णु से संबंध माना गया है. गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.

पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि बृहस्पतिवार व्रत कथा सुनने से सभी दुख दूर होते हैं. कुंडली में बृहस्पतिवार दोष हो या फिर विवाह में बाधा आ रही हो, बृहस्पतिवार व्रत कथा से जीवन में आ रहे सभी तरह के संकट दूर होते हैं. आइए जानते हैं बृहस्पतिवार व्रत कथा का महत्व.

बृहस्पतिवार व्रत कथा का महत्व
ज्योतिषियों के अनुसार, गुरुवार का व्रत जीवन में अति शुभ फलदाई होता है. जिस जातक की कुंडली में गुरु ग्रह दोष हो, उसे नियमित रूप से बृहस्पतिवार भगवान की पूजा करनी चाहिए. उसके लिए प्रत्येक गुरुवार को बृहस्पतिवार व्रत कथा का पाठ करना लाभदायक होता है.

गुरुवार का व्रत रखने से हर पीड़ा से मुक्ति मिलती है. घर में वास्तुदोष उत्पन्न होने की स्थिति में भी बृहस्पतिवार व्रत करना शुभ होता है. इससे घर की नकारात्मक शक्तियां नष्ट होती हैं. साथ में घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है.

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बृहस्पतिवार व्रत पूजा विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को भगवान बृहस्पति की पूजा का विधान है. बृहस्पति देवता की पूजा करने से धन-संपना, सुख-समृद्धि और पुत्र और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. बृहस्पति देव की पूजा के लिए सुबह जल्दी स्नान करने के बाद पूजा की चौकी तैयार करें. उस पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, फूल और हल्दी अर्पित करें.

भगवान विष्णु को हल्दी का तिलक करें. इसके बाद गुरुवार व्रत कथा का पाठ करें. अंत में बृहस्पति महाराज की आरती करते हुए पूजा को समाप्त करें और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें. इससे भगवान विष्णु की कृपा हमेशा परिवार पर बनी रहेगी.

Tags: Dharma Aastha, Dharma Culture, Lord vishnu, Religion

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