Happy Janmashtami 2020: बाल गोपाल की पूजा करते वक्त ध्यान रखें ये बातें, कभी न करें ये भूल

Happy Janmashtami 2020: बाल गोपाल की पूजा करते वक्त ध्यान रखें ये बातें, कभी न करें ये भूल
सुबह जल्दी उठने के बाद सबसे पहले बाल गोपाल की पूजा करनी चाहिए और उन्हें भोग लगाना चाहिए.

हिंदू पंचांग की मानें तो भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) को समर्पित कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami), हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है. इस दिन श्रीकृष्ण के भक्त उनकी आराधना में उपवास रखते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2020, 2:38 PM IST
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हिन्दू धर्म में जन्माष्टमी (Janmashtami) पर्व भगवान श्रीकृष्ण (Shri Krishna) का जन्मोत्सव है, जिसे बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के अवतार माने जाने वाले श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव, देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हर वर्ष बड़ी धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) के रूप में मनाया जाता है. वर्ष 2020 में ये पर्व 12 अगस्त, बुधवार को मनाया जएगा. हिंदू पंचांग की मानें तो भगवान कृष्ण को समर्पित ये पावन त्योहार, हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है. इस दिन श्रीकृष्ण के भक्त उनकी आराधना में उपवास रखते हैं. घरों में बाल गोपाल की पूजा होती है. उनके लिए झूले सजाएं जाते हैं. हालांकि बाल गोपाल की पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है. आइए आपको बताते हैं कौन सी हैं वो बातें.

-सुबह जल्दी उठने के बाद सबसे पहले बाल गोपाल की पूजा करनी चाहिए और उन्हें भोग लगाना चाहिए. बाल गोपाल की पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली सभी सामग्रियों का शुद्ध होना जरूरी है. इसलिए पूजा के बर्तन को जरूर साफ करें.

-बाल गोपाल को साफ जल और गंगाजल से प्रतिदिन स्नान करवाना चाहिए. स्नान करवाने के बाद चंदन का टीका लगाएं.



-बाल गोपाल के कपड़ों को रोजाना बदलें. इसके अलावा दिन के अनुसार अलग-अलग रंग वाले कपड़े ही पहनाएं जैसे सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को नारंगी, शनिवार को नीला और रविवार को लाल कपड़ा.
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-बाल गोपाल को मक्खन, मिश्री और तुलसी के पत्ते बहुत पसंद हैं इसलिए भोग में रोजाना इन्हें जरूर शामिल करें. रोजाना बाल गोपाल के श्रृंगार में उनके कान की बाली, कलाई में कड़ा, हाथों में बांसुरी और मोरपंख लगाएं.

-श्रृंगार के बाद सबसे पहले भगवान गणेश की आरती उतारे फिर बाल गोपाल की. आरती के बाद अपने हाथों से उन्हें भोग लगाएं, झूला झूलाएं और फिर झूले में लगे परदे को बंद करना न भूलें.

-सुबह और शाम के दोनों वक्त बाल गोपाल की आरती करें और भोग लगाएं. शुभ अवसर और त्योहार पर उन्हें नए कपड़े और अच्छे अच्छे पकवान का भोग जरूर लगाएं.

-बाल गोपाल की पूजा और भोग लगाएं बिना खाना नहीं खाना चाहिए. उन्हें भोग लगाने के बाद भोजन प्रसाद बन जाता है. घर में बाल गोपाल हैं तो मांस-मदिरा का सेवन, गलत व्यवहार और अधार्मिक कार्यों से बचना चाहिए.

-रात को सोने से पहले बाल गोपाल को सुलाने के बाद ही सोएं. होली, दीपावली और जन्माष्टमी जैसे प्रमुख त्योहार में इनकी विशेष रूप से पूजा करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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