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वास्तु शास्त्र के अनुसार यूं बनाएं स्टडी रूम, बच्चों को करियर में मिलेगी सफलता

वास्तु के अनुसार स्टडी रूम होना जरूरी है. image-canva

वास्तु के अनुसार स्टडी रूम होना जरूरी है. image-canva

वास्तु शास्त्र भूमि और भवन निर्माण का शास्त्र है. इसमें घर के स्टडी रूम के भी नियम बताए गए हैं. मान्यता के अनुसार, नियम ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

वास्तु शास्त्र भूमि व भवन निर्माण का शास्त्र है.
इसमें घर के स्टडी रूम के भी नियम बताए गए हैं.
मान्यता के अनुसार, नियमपूर्वक स्टडी रूम से विद्यार्थी की सफलता की संभावना बढ़ जाती है.

वास्तु शास्त्र भूमि व भवन का शास्त्र है, जिसमें भूमि व भवन के शुभ व अशुभ लक्षणों के बारे में बताया गया है. भवन में कौन सा कक्ष कहां व किस तरह की व्यवस्था वाला हो, इसका भी जिक्र है. इसी शास्त्र में अध्ययन यानी स्टडी कक्ष के बारे में भी बताया गया है. जो नियमपूर्वक हो तो उसमें पढऩे वाले विद्यार्थी की सफलता की संभावना बढऩे की मान्यता है. आज हम स्टडी रूम के उन्हीं वास्तु नियमों को बताने जा रहे हैं.

स्टडी रूम के वास्तु नियम
– पंडित रामचंद्र जोशी के अनुसार, अध्ययन कक्ष भवन के पश्चिम या ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व में होना चाहिए. नैर्ऋत्य या अग्नि कोण में अध्ययन कक्ष कभी नहीं बनाना चाहिए. विद्यार्थी के बैठने की व्यवस्था इस तरह से होनी चाहिए कि पढ़ते समय उसका मुंह हमेशा पूर्व या उत्तर की ओर हो. दरवाजे की तरफ पीठ करने भी अध्ययन नहीं करना चाहिए. बीम के नीचे बैठकर पढऩा और सोना नहीं चाहिए.

– कंप्यूटर आग्नेय यानी दक्षिण-पूर्व से लेकर दक्षिण व पश्चिम के मध्य कहीं भी रख सकते हैं. अध्ययन कक्ष के खिड़की व दरवाजों से सूर्य की किरणें आती हो तो उन्हें खुला रखें, जबकि ढलते सूर्य की किरणें आती है तो इन्हें बंद रखें.
– स्टडी रूम में यदि खिड़की हो तो पूर्व या उत्तर दिशा में ही होनी चाहिए. दक्षिण दिशा में खिड़की शुभ नहीं होती.
– किताबों का रैक दक्षिण पश्चिम में रखा जा सकता है पर नैर्ऋत्य या वायव्य दिशा में नहीं होना चाहिए.
– अध्ययन कक्ष की दीवारों पर सफेदी के स्थान पर अन्य हल्के रंग का प्रयोग करना शुभ होता है.
– स्टडी रूम के मुख्य द्वार की दीवार के बाएं कोने में स्फटिक के गोले लटकाना शुभ होता है. फेंगशुई के अनुसार यह ज्ञान का क्षेत्र है, इससे उसमें वृद्धि होगी. स्टडी रूम में एजुकेशन टावर व स्फटिक ग्लोब का उपयोग भी बहुत लाभदायक है.
– पंडित जोशी के अनुसार, यदि विद्यार्थी वास्तु व फेंगशुई के इन नियमों का पालन करें तो उनके अच्छे अंको से पास होकर उज्ज्वल भविष्य की संभावना होती है.

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Tags: Dharma Aastha, Dharma Culture, Vastu tips

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