Holi 2021 Date: कब मनाया जाएगा होली का त्योहार, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

मान्यता है कि घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए होली की पूजा की जाती है.

मान्यता है कि घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए होली की पूजा की जाती है.

Holi Festival Date 2021: इस वर्ष होलिका दहन (Holika Dahan) 28 मार्च को है. वहीं 29 मार्च को रंगो भरी होली का त्योहार मनाया जाएगा और इसी दिन लोग एक दूसरे पर गुलाल लगाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 12:09 PM IST
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Holi 2021: हिंदू धर्म में होली के त्योहार का विशेष महत्व होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली का पर्व मनाया जाता है. होली का पर्व मुख्य रूप से रंगों का त्योहार (Colour Festival) है. इस दिन लोग एकजुट होकर खुशियां मनाते हैं और एक दूसरे को प्यार के रंगों में डुबोकर अपनी खुशी जाहिर करते हैं. इस वर्ष होलिका दहन (Holika Dahan) 28 मार्च को है. वहीं 29 मार्च को रंगो भरी होली का त्योहार मनाया जाएगा और इसी दिन लोग एक दूसरे पर गुलाल लगाएंगे. रंगों का त्योहार होली पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है. पहले दिन होलिका जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन कहते हैं. दूसरे दिन लोग एक-दूसरे को रंग, अबीर-गुलाल लगाते हैं. माना जाता है कि होली के दिन लोग गले-सिकवे भुलाकर एक दूसरे के गले मिलते हैं.

होली की तिथि और शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 28 मार्च 2021 को देर रात 03:27 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 29 मार्च 2021 को रात 12:17 बजे तक
होलिका दहन रविवार, 28 मार्च 2021

होलिका दहन मुहूर्त- शाम 6:37 से रात 08:56

अवधि- 02 घंटे 20 मिनट



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रंगों भरी होली सोमवार, 29 मार्च 2021

भद्रा पूंछ- सुबह 10:13 बजे से सुबह 11:16 बजे तक

भद्रा मुख- सुबह 11:16 बजे से दोपहर 1 बजे तक

होली का महत्व

मान्यता है कि घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए होली की पूजा की जाती है. होलिका दहन के लिए कांटेदार झाड़ियों या लकड़ियों को इकट्ठा किया जाता है और फिर शुभ मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाता है.

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होली की पौराणिक कथा

मान्यता है कि होलिका दहन के दिन स्वयं को भगवान मान बैठे हिरण्यकशिपु ने भगवान की भक्ति में लीन अपने ही पुत्र प्रह्लाद को अपनी बहन होलिका के जरिए जिंदा जला देना चाहा था लेकिन भगवान ने भक्त पर अपनी कृपा की और प्रह्लाद के लिए बनाई चिता में स्वयं होलिका जलकर मर गईं. इसलिए इस दिन होलिका दहन की परंपरा भी है. होलिका दहन से अगले दिन रंगों से खेला जाता है इसलिये इसे रंगवाली होली और दुलहंडी भी कहा जाता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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