Holika Dahan 2021 Date: कब है होलिका दहन? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त एवं संपूर्ण विधि

कब है होलिका दहन? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त

कब है होलिका दहन? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त

Holika Dahan 2021 Date Shubh Muhurat Rules- होलिका पूजा के पश्चात, पुनः जल अर्पित करें. मुहूर्त के अनुसार होलिका में स्वयं अथवा परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य से अग्नि प्रज्जवलित कराएं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 5:26 PM IST
  • Share this:
Holika Dahan 2021 Date- हिंदू संस्कृति में होली का त्योहार, दो दिवसीय पर्व होता है. इसकी शुरुआत होलिका दहन से होती है. होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को, मनाया जाता है. इस तरह से वर्ष 2021 में होलिका दहन 28 मार्च 2021 दिन रविवार को पूरे विधि-विधान अनुसार मनाया जाएगा. होलिका दहन के अगले दिन, होली का त्योहार मनाए जाने का विधान है.

होलिका दहन शुभ मुहूर्त:

वर्ष 2021 में होलिका दहन का मुहूर्त 02 घंटे 19 मिनट का है. अर्थात संध्या के समय 18:36:38 से लेकर 20:56:23 तक है.



होलिका दहन मुहूर्त 2021
तारीख व दिन : 28 मार्च, 2021 (रविवार)
होलिका दहन मुहूर्त : 18:36:38 से 20:56:23 तक
अवधि : 2 घंटे 19 मिनट

Also Read: Holashtak 2021 Date: होलाष्टक कब से लग रहे हैं? जानें तिथि, मुहूर्त एवं कथा

होलिका दहन के कुछ नियम
● होलिका दहन उसी दिन किया जाता है, जिस दिन भद्रा न हो.
● पूर्णिमा सूर्यास्त के पश्चात, तीनों मुहूर्तों में होनी चाहिए.
● भूलकर भी सूर्यास्त से पूर्व अथवा चतुर्दशी तिथि को, होलिका दहन नहीं करना चाहिए.

कैसे होता है होलिका दहन
होलिका दहन से कुछ दिन पहले, प्रत्येक इलाके में एक स्थान पर एक पेड़ रखा जाता है, जिसमें होली से एक दिन पूर्व आग लगा दी जाती है. आग लगाने से पूर्व श्रद्धालु उस पर लकड़ियां, घास, पुआल और गोबर के उपले रख देते हैं. फाल्गुन मास की पूर्णिमा आते-आते ये सारा ढेर सूख जाते हैं और जलने लायक हो जाते हैं. होलिका दहन के दिन इसी ढेर में आग लगा दिया जाता है, जिसे होलिका दहन कहा जाता है.

होलिका दहन कैसे करें
होलिका पूजा के पश्चात, पुनः जल अर्पित करें. मुहूर्त के अनुसार होलिका में स्वयं अथवा परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य से अग्नि प्रज्जवलित कराए. इस आग में किसी भी फसल को सेंक लें और अगले दिन उसे सपरिवार ग्रहण करें. मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार पर कोई बुरा साया नहीं पड़ता एवं साथ ही सदस्यों को रोगों से मुक्ति भी मिलती है. (साभार: astrosage.com)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज