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कुंडली में स्थित गुरु चांडाल योग से बिगड़ सकता है जीवन, इस दोष से निवारण के लिए करें ये उपाय

गुरु, राहु और केतु के मिलने से कुंडली में बनता है गुरु चांडाल योग.

गुरु, राहु और केतु के मिलने से कुंडली में बनता है गुरु चांडाल योग.

ज्योतिष में कई शुभ-अशुभ योगों के बारे में बताया गया है. इन्हीं में एक होता है गुरु चांडाल योग. जब गुरु, राहु और केतु मि ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

गुरु, राहु और केतु के मिलने से होता है गुरु चांडाल योग का निर्माण.
गुरु चांडाल योग के दुष्प्रभाव से जीवन में बनी रहती हैं समस्याएं.
गुरु चांडाल योग के दोष को दूर करने से ज्योतिष में बताए गए हैं कई उपाय.

Guru Chandal Yoga: ज्योतिष शास्त्र में किसी भी जातक की कुंडली में बनने वाले शुभ-अशुभ योगों के बारे में विस्तार से बताया गया है. कुंडली में किसी ग्रह के प्रभावित होने से दोष उत्पन्न होते हैं. इससे व्यक्ति को जीवन में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. किसी जातक की कुंडली निर्माण में योग का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इन्हीं के अनुसार शुभ-अशुभ योग का पता लगाया जाता है. शुभ योग होने से जीवन में खुशियां बनी रहती है और व्यक्ति को हर कार्य में सफलता हासिल होती है, लेकिन किसी ग्रह के प्रभावित होने से जब अशुभ योग बनते हैं तो सारे कार्य बिगड़ते ही चले जाते हैं. ज्योतिष में बताए कई योगों में एक है गुरु चांडाल योग.

गुरु, राहु और केतु के मिलने से गुरु चांडाल योग बनता है. इस योग को अशुभ माना गया है. जिस जातक की कुंडली में गुरु चांडाल योग होता है, उसे किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलती. साथ ही ऐसे व्यक्ति कानूनी मसलों में फंसे रहते हैं. अगर आपकी कुंडली में भी यह योग है तो इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए उपाय ज़रूर करें. दिल्ली के आचार्य गुरमीत सिंह जी से जानते हैं गुरु चांडाल योग के दुष्प्रभाव को कम करने के उपायों के बारे में.

गुरु चांडाल योग के दुष्प्रभाव
कुंडली में अलग-अलग भाव में स्थित होने से इसका दुष्प्रभाव भी अलग-अलग होता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि गुरु और राहु के अंश और वह किस राशि में स्थित हैं. अगर कुंडली में राहु की अपेक्षा गुरु की स्थिति मजबूत है तो यह योग कमजोर होगा और इसका दुष्प्रभाव भी कम होगा. ऐसी स्थिति में अशुभ चांडाल योग के कुंडली में होने से भी इसका बहुत प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है. लेकिन यदि कुंडली में चांडाल योग की स्थिति मजबूत है तो कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. जैसे..

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  • जब किसी व्यक्ति की कुडंली में गुरु चांडाल योग का निर्माण होता है तो उसे सफलता हासिल करने के लिए खूब संघर्ष करना पड़ता है.
  • व्यक्ति कानूनी मसलों में पड़ सकता है और उसे कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं.
  • ऐसे लोगों की शादी-विवाह में भी परेशानी होती है.
  • नौकरी-व्यवसाय में तरक्की नहीं मिलती है और बार-बार नौकरी बदलनी पड़ती है.

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गुरु चांडाल योग के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

  • प्रतिदिन केसर और हल्दी का तिलक माथे पर लगाने से गुरु चांडाल योग का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है.
  • इस योग के प्रभाव को कम करने के लिए बड़े बुजुर्ग, माता-पिता, गुरुजनों और ब्राह्मणों का आदर-सम्मान करना चाहिए.
  • गुरुवार के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से भी यह दोष कम होता है.
  • घर पर केले का पोधा लगाकर प्रतिदिन इसकी पूजा करें. इससे भी गुरु चांडाल योग का प्रभाव कम होगा.
  • राहु के मंत्रों का जाप करने से भी गुरु चांडाल योग का प्रभाव कम होता है.

Tags: Dharma Aastha, Religion

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