Janmashtami 2019: आज है जन्माष्टमी या 24 अगस्त को? जानें, अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का समय

News18Hindi
Updated: August 23, 2019, 4:37 AM IST
Janmashtami 2019: आज है जन्माष्टमी या 24 अगस्त को? जानें, अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का समय
जन्‍माष्‍टमी की तारीख और शुभ मुहूर्त

Janmashtami, जन्माष्टमी कब है?: कुछ लोग कृष्ण जन्म अष्टमी के दिन मनाते हैं और कुछ रोहिणी नक्षत्र में. आइए जानते हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2019, 4:37 AM IST
  • Share this:
Janmashtami, जन्माष्टमी कब है?: जन्माष्टमी की तारीख को लेकर विद्वानों में मतैक्य नहीं है. जन्माष्टमी का त्यौहार भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी कि आठवें दिन मनाया जाता है. अगर अष्टमी तिथि के अनुसार देखा जाए तो जन्माष्टमी आज यानी 23 अगस्त को है और लोग आज ही जन्माष्टमी का व्रत भी रखेंगे. वहीं जो लोग रोहिणी नक्षत्र में कृष्ण जन्म मनाते हैं वो 24 अगस्त शनिवार के दिन जन्माष्टमी मनाएंगे और व्रत रखेंगे. आइए जानते हैं जन्माष्टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त...

जन्‍माष्‍टमी की तारीख और शुभ मुहूर्त:

जन्‍माष्‍टमी की तारीख: 23 अगस्‍त और 24 अगस्‍त.
अष्‍टमी तिथि की शुरुआत: 23 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 09 मिनट से अष्‍टमी तिथि लग जाएगी.

अष्‍टमी तिथि का समापन: 24 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 32 मिनट तक अष्‍टमी तिथि समाप्त हो जाएगी.
रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ: 24 अगस्‍त 2019 की सुबह 03 बजकर 48 मिनट से रोहिणी नक्षत्र लग जाएगा.
रोहिणी नक्षत्र का समापन: 25 अगस्‍त 2019 को सुबह 04 बजकर 17 मिनट रोहिणी नक्षत्र समाप्त हो जाएगा.
Loading...

इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2019: इस जन्माष्टमी बाल गोपाल को लगाएं घर की बनी धनिए की पंजीरी का भोग, जानें रेसिपी

इसलिए मनाई जाती है जन्माष्टमी:
हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के त्यौहार को भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. मान्यता है कि विष्णु भगवान के अवतार कृष्ण ने  राक्षस कंस के अत्याचारों से लोगों को मुक्ति दिलाने  दुष्टों का संहार करने के लिए पृथ्वी पर अवतार लिया था. इसीलिए लोग भगवान कृष्ण के जन्मदिन की ख़ुशी को अलग अलग तरीके से मनाते हैं.

इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2019: जानिए जन्माष्टमी मेवा बनाने की रेसिपी

इस दिन कृष्ण भगवान के भक्त पूरे दिन निर्जला व्रत रहते हैं और घर में लड्डू गोपाल की प्रतिमा का श्रृंगार कर झांकी सजाते हैं और भगवान कृष्ण के भजन गाते हैं. कहीं कहीं पर बड़े आयोजनों में भंडारे और जागरण की भी व्यवस्था होती है. रात बारह बजे भगवान कृष्ण के जन्म दिन की ख़ुशी पूरे धूमधाम से मनाई जाती है. माना जाता है कि रात 12 बजे कृष्ण लला जन्म लेते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कल्चर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 23, 2019, 4:37 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...