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Jaya Ekadashi 2021: जया एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम, ऐसे करें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा

जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए व्रत के दौरान खान-पान और अपने व्यवहार में संयम के साथ सात्विकता भी बरतनी चाहिए.
जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए व्रत के दौरान खान-पान और अपने व्यवहार में संयम के साथ सात्विकता भी बरतनी चाहिए.

Jaya Ekadashi 2021: जया एकादशी व्रत में रात को सोना नहीं चाहिए. व्रती को पूरी रात भगवान विष्णु की भाक्ति, मंत्र जप और जागरण करना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 8:34 AM IST
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Jaya Ekadashi 2021: जया एकादशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठतम माना जाता है. माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी का व्रत रखा जाता है. आज जया एकादशी व्रत है. मान्यता है कि जया एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा व व्रत रखने से भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) की कृपा भी बरसती है. समस्त कष्टों से मुक्ति मिल जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, जया एकादशी के दिन श्रीहरि का नाम जपने से पिशाच योनि का भय नहीं रहता है. जातक जीवन में धन, ऐश्वर्य एवं समस्त सुखों का भोग करता है.

जया एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम

-जया एकादशी व्रत के दिन भूलकर भी जुआ नहीं खेलना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से व्यक्ति के वंश का नाश होता है.
-जया एकादशी व्रत में रात को सोना नहीं चाहिए. व्रती को पूरी रात भगवान विष्णु की भाक्ति, मंत्र जप और जागरण करना चाहिए.
-जया एकादशी व्रत के दिन भूलकर भी चोरी नहीं करनी चाहिए. कहा जाता है कि इस दिन चोरी करने से 7 पीढ़ियों को उसका पाप लगता है.


-जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए व्रत के दौरान खान-पान और अपने व्यवहार में संयम के साथ सात्विकता भी बरतनी चाहिए.
-इस दिन व्रती को भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए किसी भी व्यक्ति से बात करने के लिए कठोर शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
-इस दिन क्रोध और झूठ बोलने से बचना चाहिए.
-जया एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए और शाम के समय सोना नहीं चाहिए.

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जया एकादशी व्रत पूजा-विधि

-इस दिन व्रती को सुबह जल्दी उठना चाहिए और स्नान करना चाहिए.
-इसके बाद पूजा स्थल को साफ करना चाहिए.
-इसके बाद भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की मूर्ति, प्रतिमा या उनके चित्र को स्थापित करना चाहिए.
-भक्तों को विधि-विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए.
-पूजा के दौरान भगवान कृष्ण के भजन और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए.
-प्रसाद, तुलसी जल, फल, नारियल, अगरबत्ती और फूल देवताओं को अर्पित करने चाहिए.
-पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए.
-अगली सुबह यानि द्वादशी पर पूजा के बाद भोजन का सेवन करने के बाद जया एकादशी व्रत का पारण करना चाहिए.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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