21 जून: सूर्यग्रहण से जुड़ी ये 7 खास बातें नहीं जानते होंगे आप

21 जून: सूर्यग्रहण से जुड़ी ये 7 खास बातें नहीं जानते होंगे आप
भारत में सूर्य ग्रहण को लेकर कई मान्यताएं हैं.

21 जून को सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2020) होने वाला है. भारत (India) में सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) को लेकर कई मान्यताएं हैं. वहीं ग्रहण का धार्मिक और ज्योतिष नजरिये से बहुत महत्व है. ऐसे में सूर्य ग्रहण के बारे में कुछ खास बातें हैं जिन्‍हें जानना जरूरी है.

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इस बार जून (June) का महीना ग्रहण के लिहाज से बेहद खास कहा जा सकता है. बीती 5 जून को चंद्र ग्रहण हो चुका  है और 21 जून को सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2020) होने वाला है. भारत (India) में सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) को लेकर कई मान्यताएं हैं. वहीं ग्रहण का धार्मिक और ज्योतिष नजरिये से बहुत महत्व है. सूर्य ग्रहण को लेकर हमारे मन में कई तरह की जिज्ञासाएं भी उठती हैं और हम इसके बारे में सब कुछ जान लेना चाहते हैं. ऐसे में यहां हम बता रहे हैंं सूर्य ग्रहण के बारे में वो अहम बातें जिन्‍हें आप जानना चाहेंगे.

मान्‍यता है कि सूर्य ग्रहण के दिन किसी पेड़ से पत्ते, फूल और लकड़ी नहीं तोड़नी चाहिए. इसके अलावा बाल और कपड़े भी नहीं निचोड़े जाने चाहिए.

सूर्य ग्रहण को लेकर मान्‍यता यह भी है कि ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया काम शुरू करने से बचना
चाहिए.
मान्‍यता है कि सूर्य ग्रहण के समय अगर दूसरे व्‍यक्ति का अन्न खा लिया जाए, तो इससे 12 वर्षों का इकट्ठा किया हुआ सारा पुण्य नष्ट हो जाता है. वहीं यह भी कहा गया है कि इस समय गुरुमंत्र, ईष्टमंत्र या फिर भगवन्नाम का जप जरूर करना चाहिए.



इनके अलावा एक मान्‍यता यह भी है कि सूर्य ग्रहण के समय ताला नहीं खोलना चाहिए. मैथुन और भोजन भी नहीं करने चाहिए. वहीं इस दौरान सोना भी नहीं चाहिए और मलमूत्र का त्याग करने से भी बचें.

हालांकि सूर्य ग्रहण के दौरान कई पुण्‍य काम करने को कहा गया है. इस समय अगर गायों को घास, पक्षियों को अन्न के साथ ही अगर जरूरतमंदों को वस्त्र का दान दिया जाए, तो इसका कई गुना पुण्य मिलता है.

वहीं सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ज्‍यादा एहतियात बरतने की बात कही गई है. यह भी कहा गया है कि 3 दिन या 1 दिन उपवास किया जाए, तो इसका अच्‍छा फल प्राप्‍त होता है. हालांकि मान्‍यता यह भी है कि किसी संतान वाले गृहस्थ व्‍यक्ति को सूर्य ग्रहण और संक्रांति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए.

एक मान्‍यता यह भी है कि ग्रहण वेध की शुरुआत में तिल या कुशमिश्रित पानी के इस्‍तेमाल से भी बचना चाहिए या बहुत ही जरूरी हो तभी इसका इस्‍तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा सूर्य ग्रहण शुरू होने से लेकर इसके अंत तक अन्न और जल भी नहीं लेना चाहिए.

 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं.
Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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